संतकबीरनगर। चुरेब पीएचसी पर 21 दिसंबर को प्रसूता की मौत के मामले में डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी ने डीएम रिपोर्ट सौंप दी है। डीएम की टीम रिपोर्ट का परीक्षण कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
21 दिसंबर को भाटपार गांव निवासी कमलावती 32 वर्ष पत्नी हिरावन विश्वकर्मा को प्रसव पीड़ा के बाद दिन में स्थानीय आशा परिजनों के साथ लेकर पीएचसी चुरेब पर पहुंची थी। जहां पर दिन में 12:05 बजे के आसपास उसका प्रसव हुआ। करीब दो घंटे तक महिला सही सलामत रही। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।
जिसके बाद वहां पर मौजूद स्टाफ परिजनों को दवा लाने के लिए कहा। परिजन जब तक दवा लेकर पहुंचे प्रसूता की स्थिति गंभीर हो गई। इसके बाद उसे अस्पताल के ही किसी कर्मचारी के प्राइवेट वाहन से उसे खलीलाबाद स्थित एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन एवं ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
वापस पीएचसी पहुंचकर हंगामा शुरूकर दिया और हाईवे पर शव को रखकर जाम कर दिया। पुलिस ने किसी तरह से समझा बुझाकर मामले को शांत कराया था। उसके बाद परिजनों की तहरीर पर स्टाफ नर्स कल्पना वर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने हड़ताल कर दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने सीएमओ को टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया था। टीम ने जांच की और अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। जिसमे स्टाफ नर्स की लापरवाही नहीं पाई गई है। डीएम जांच रिपोर्ट का परीक्षण करा रहे हैं। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।