पडरौना। शासन की महत्वाकांक्षी कैशलेस स्वास्थ्य योजना का लाभ अब जिले के 2464 परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, रसोइया सहित अन्य कर्मचारियों को भी मिलेगा। लाभार्थियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के क्रियान्वयन के लिए जिले में पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के दो दिनों में ही 500 से अधिक शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों अपना पंजीकरण कराया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पंजीकरण पूर्ण होने के बाद पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। शिक्षकों का कहना है कि यह योजना उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज पर होने वाले भारी खर्च से अब काफी हद तक राहत मिलेगी। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालयों को अधिक से अधिक पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। योजना का उद्देश्य शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ब्लाॅक महामंत्री अजिताभ तिवारी ने शासन के निर्णय का स्वागत किया है। उनको कहना है कि इससे शिक्षा परिवार से जुड़े हजारों कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
इस संबंध में बीएसए अनिल कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री कैशलेस स्वास्थ्य योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का पंजीकरण शुरू हो गया है। बीते दो दिन में ही 500 से अधिक शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों ने योजना के लाभ के लिए पंजीकरण करा लिया है। इस योजना के तहत पंजीकरण अभी आगे भी होता रहेगा।