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खतरे के निशान से 15 सेंटी मीटर नीचे बह रही राप्ती

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धनघटा के गांव सियर कला को जाने वाले रास्ते पर भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : KHALILABAD
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खतरे के निशान से 15 सेंटी मीटर नीचे बह रही राप्ती
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नदी के जलस्तर में लगातार जारी है बढ़त, तटबंध से सटे गांवों में दहशत
- डीएम की फटकार के बाद तटबंध पर बारिश से हुई कटान भरने में जुटा विभाग
मेंहदावल। लगातार हो रहे बारिश के बीच राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। तटबंध से सटे गांव में बढ़ते जलस्तर को लेकर दहशत हैं। तटबंध पर बारिश से कटान को भरने में ड्रेनेज खंड द्धितीय के सहायक व अवर अभियंता जुटे हुए हैं।
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मेंहदावल क्षेत्र स्थित राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सायं चार बजे राप्ती का जलस्तर लाल निशान से 20 सेंटी मीटर नीचे था। जलस्तर 79.30 सेमी मापा गया था। वहीं मंगलवार सायं चार बजे राप्ती का जलस्तर 79.35 पहुंच गया। खतरे के निशान 79.50 से नदी मात्र 15 सेंटी मीटर नीेचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है, लेकिन तटबंध से सटे गांव खैरा, बेलौली, थरौली, नगपुर, डुमरियाबाबू, इंदरपुर, बढ़या ठाठर, बानडुमर, तिवारीपुर, विशुनपुर, जोरवा, छपिया पराग, नौगो, बेलौहा आदि ऐसे गांव हैं, जिनमें बढ़ता जलस्तर दहशत का कारण बना हुआ है। यह गांव नदी के मोहाने पर बसे हुए हैं। इनकी सुरक्षा केवल बांध कर रही है। गांव व नदी के बीच में बांध इन गांव का रक्षाकवच बना हुआ है। तटबंध व नदी के बीच स्थित फसल डूब चुकी है। तटबंध में कटान भरने के काम में विभाग जुटा हुआ है। ट्रॉली के सहारे मिट्टी गिराकर इन गड्ढों को भरा जा रहा है। ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पर कोई दवाव नहीं है। बंधे पर चूहे के बिल को भरा जा रहा है। जलस्तर बढ़ने की गति धीमी है। एहतियातन आवश्यक बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
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