महुली। पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से किसानों की पकी हुई धान की फसलें गिर गई हैं। खेतों में पानी भर गया है। जिसके चलते किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है। किसान चिंतित हैं कि बेमौसम बारिश से पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा।
नाथनगर ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम महुली,तरयपार, पुत्सर, महोबरा, लौहरैया, कोदवट, कलान काली जगदीशपुर, सिंदुरिया, पदुम पट्टी, ओझा पट्टी, मानपुर, छितही मुखलिसपुर, नाथनगर, मुड़ियारी, भगौतीपुर, हरिहरपुर, सिसवनिया आदि ग्राम पंचायतों में बारिश के कारण खेतों में तैयार धान की पकीं फसलें जमीन पर गिरकर पानी में डूब गई हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। तरयपार निवासी किसान नईमुद्दीन ने बताया कि उनके खेतों में धान की फसल पककर तैयार हैं। बारिश होने के कारण धान खेत में गिरकर पानी में डूब रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ 18 से 20 हजार से अधिक की भर्ती लगाकर उन्होंने धान की खेती की थी। बेमौसम बारिश से उनकी पैदावार पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी तरह कालीजगदीशपुर के चौहान टोला निवासी रामसुख गौंड, खदेरू चौहान ने बताया कि उनके क्षेत्र में कलान, कोदवट, सिंदुरिया, मझगावां, चंवरिया गांव के आसपास के किसान खेत में धान की फसल को काटकर सूखने के लिए छोड़ दिए थे, वह भी पानी में डूब गई हैं।
बखिरा क्षेत्र में खेतों में भर गया है पानी
तिघरा। बखिरा क्षेत्र में बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है। जिसके चलते उनके खेत की फसल डूब गई हैं। बखिरा क्षेत्र के बघुआ, कोपिया, बखिरा, तिघरा, रेरुआ, बालूशासन, करैली, समदहा, भवानी गाड़ा के किसान बघुआ के राघवेंद्र सिंह बताते हैं कि एक एकड़ काला नमक धान बोया था। पूरी फसल डूब गई है। बृजेश दुबे, ढुनमुन यादाव, महंथ भारती समेत अन्य किसानों का कहना है कि इस क्षेत्र के खेत लो लैंड में आते हैं। बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है। इसके चलते खेती काफी पिछड़ जाएगी।