- बड़गो में सड़क और नाला का निर्माण नहीं हुआ शुरू
- मैलानी में बांस-बल्ली के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर के विकास को लेकर नगर पालिका प्रशासन ने करीब एक साल पहले 15 करोड़ 60 लाख की कार्ययोजना तैयार की थी। इसकी स्वीकृति पालिका बोर्ड से भी हुई है, लेकिन अधिकतर स्थानों पर कार्य ही शुरू नहीं हो सका है। जहां पर कार्य कराए गए वहां पर भी काम अधूरा छोड़ दिया गया है। जिसके कारण शहरवासियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। पालिका प्रशासन आंख बंद किए है।
पालिका बार्ड की बैठक में नगर पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव पास कराया। इस दौरान कुल 150 प्रस्ताव पास कराए गए थे। शहरवासियों को उम्मीद थी कि जलनिकासी और इंटरलाॅकिंग कराया जाएगा, लेकिन अधिकतर स्थानों पर काम शुरू नहीं हो सका है। इनमें बनियाबारी से सादिकगंज जाने के लिए सड़क की इंटरलाॅकिंग का कार्य होना था, जबकि जलनिकासी के लिए नाली बनाई जानी है, लेकिन यह कार्य शुरू नहीं हो सका है।
एक साल बीते, नाली और सड़क निर्माण का कार्य अधूरा
इसके साथ ही बड़गो में सड़क और नाला निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है, जबकि गोला बाजार उत्तरी में भी नाला व नाली का निर्माण कराया जाना है। करीब एक साल बीत जाने के बाद भी यहां पर काम शुरू नहीं हो पाया है। जिसके कारण इन क्षेत्रों के लोगों को बारिश में जलभराव व बदहाल सड़कों से आने-जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बनियाबारी से खुदवा तक नाली निर्माण कार्य अधूरा
शहर के बनियाबारी से खुदवा तक नाला का निर्माण कराया जाना है। यहां काम शुरू कराया गया, लेकिन जहां भी आबादी पड़ गई वहां काम छोड़ दिया गया है। साथ ही चकदही की सीमा तक ही कार्य हो सका है। इसे खुदवा नाला में मिलाया जाना था, ताकि जलभराव की समस्या दूर हो सके। इस क्षेत्र के निवासी धर्मेद्र कुमार, चिरंजीव आदि ने कहा कि यदि नाला का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाए तो शहरवासियों को जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
शहर के विभिन्न मोहल्लों में इंटरलाॅकिंग और नाली-नाला का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव पास हुआ है। बारिश के कारण कुछ जगहों पर काम शुरू नहीं हो सका है। जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा। बनियाबारी से खुदवा तक नाला निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन बीच में बारिश होने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। इसे जल्द ही पूर्ण कराया जाएगा।
- अवधेश कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद खलीलाबाद