जिला पंचायत की बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों के निशाने पर बेसिक शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग रहा। इस दौरान जिले के विकास को लेकर 22 करोड़ के प्रस्ताव पर सदस्यों ने सहमति दी। एक्सईएन पीडब्लूडी निर्माण के बैठक में न पहुंचने पर सदन की सहमति पर शोकॉज नोटिस जारी किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष नीना देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का मुद्दा जिला पंचायत सदस्य बलराम यादव ने उठाया। उन्होंने मलौली सीएचसी पर नसबंदी के बाद महिला की मौत की लीपापोती की बात कहते हुए बताया कि विभाग ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए मृत महिला के परिजनों को आनन-फानन 20 हजार का चेक जारी कर दिया लेकिन महिला का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इसी के साथ ही अन्य कई समस्याओं को उठाया। इस पर सीएमओ डॉक्टर एसी श्रीवास्तव ने बताया कि महिला की मौत की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। एमएलसी प्रतिनिधि मंटू राय ने बेसिक शिक्षा विभाग में विद्यालयों की मान्यता आदि का प्रकरण उठाया और बीएसए से जवाब मांगा। इसी के साथ वन विभाग की ओर से मेंहदावल-बस्ती मार्ग पर काटे जा रहे पेड़ पर जिला पंचायत सदस्यों ने आपत्ति जताई। पीडब्लूडी के जरिए बनाई जा रही सड़कों की बाबत जानकारी देने के लिए कोई भी अधिकारी उपस्थित न होने पर अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी निर्माण को शोकॉज नोटिस जारी करने का आदेश सीडीओ हाकिम सिंह ने दिया। बैठक में सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में विकास को लेकर प्रस्ताव दिया। सदस्यों की सहमति पर 22 करोड़ का प्रस्ताव पारित हुआ। इसमें 20 करोड़ राज्य वित्त आयोग के जरिए खर्च होगा। बाकी दो करोड़ अन्य मद से खर्च किए जाएंगे। इस अवसर पर सीडीओ हाकिम सिंह, सीएमओ डॉक्टर एसी श्रीवास्तव, डीआईओएस शिव कुमार ओझा, अपर मुख्य अधिकारी रामाश्रय, जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद अहमद, राजेश यादव, शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हरिबख्श सिंह, अशोक चौधरी, संजय राना, प्रमोद कुमार, संजय सिंह राठौर, शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रणजीत राय, अशोक चौहान, संजय यादव, जुबेर अहमद समेत अन्य मौजूद रहे।