आंबेडकर प्रतिमा रखने के लिए दो पक्ष हुए आमने-सामने
- पुलिस ने मूर्ति को पंचायत भवन में सुरक्षित रखवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। दुधारा क्षेत्र के भंगुरा में मंगलवार रात विवादित जमीन में आंबेडकर की मूर्ति रखने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। एक पक्ष ने जहां उक्त जमीन को सार्वजनिक बताया, वहीं दूसरे पक्ष ने अपने बाग मालिकान की जमीन का दावा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति को सुरक्षित पंचायत भवन में रखवा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा रखना चाह रहे थे। उन लोगों का कहना है कि उक्त जमीन सार्वजनिक है। जबकि दूसरा पक्ष उक्त जमीन को अपना बाग मालिकान का बता रहा है। प्रधान प्रतिनिधि शफीकुर्रहमान की ओर से पुलिस को सूचना दी गई । इस मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज बाघनगर विनोद कुमार यादव ने सूझबूझ के साथ ग्रामीणों से मिलकर प्रतिमा को पंचायत भवन में सकुशल रखवा दिया। वैसे इसी बीच एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर आंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त करने की सूचना पोस्ट कर दी गई। जिससे भीम आर्मी समेत अन्य संगठन सक्रिय हो गए। साथ ही पुलिस महकमा हलकान रहा। स्थानीय पुलिस की सूझबूझ से शांति व्यवस्था बनी रही। अफवाह फैलाने वाले के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। एसओ सर्वेश राय ने बाघनगर पुलिस चौकी पर गांव वालों को बुलाकर समझा बुझाकर मामला शांत कराया। एसओ सर्वेश राय ने बताया कि किसी भी सरकारी या निजी भूमि पर इस तरह का कार्य नहीं हो सकता है। प्रतिमा स्थापित करने से पूर्व उच्चाधिकारियों की अनुमति होनी चाहिए। इस दौरान हलका लेखपाल संजय मिश्रा ने बताया कि जहां प्रतिमा रखी गई थी, वह निजी बाग मालिकान नंबर है। इस दौरान प्रधान पति शफीकुर्रहमान, नूरूल बशर, भीम आर्मी के जुनैद अहमद और नन्हे आदि मौजूद रहे।