मेंहदावल बाईपास सवारी बैठाने के लिए खड़ी स्लीपर बस।
संतकबीरनगर। शहर में बस डिपो अभी तक नहीं बन सका है। ऐसे में परिवहन निगम की बसें मेंहदावल बाईपास पर अस्थायी बस स्टाॅप सेंटर पर खड़ी होकर सवारियां भरती हैं, लेकिन रात में प्राइवेट स्लीपर बसें परिवहन निगम की बसों के यात्री लूट रही हैं। बस अड्डे पर रात में प्राइवेट स्लीपर बसों भी भरमार हो जाती है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाली बसों की सवारियों को अपनी बसों में बैठा लेते हैं। इससे परिवहन विभाग को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
परिवहन निगम की बसें शहर के मेंहदावल बाईपास पर अस्थायी बस स्टाॅप सेंटर से सवारियां भरती हैं। दिन में तो निगम की बसों में यात्री सवार होकर अपने गंतव्य स्थान को रवाना होते हैं, लेकिन शाम से लेकर रात तक प्राइवेट बसें विभिन्न शहरों के लिए निकलती है। इसमें दिल्ली, लखनऊ, मुंबई आदि शहरों के लिए आती-जाती है। यह प्राइवेट स्लीपर बसें वैसे तो डीघा के पास खड़ी होती है, लेकिन सवारी भरने के फेर में प्राइवेट बसें बस स्टाॅप सेंटर पर पहुंच जाती है और सवारियों को बैठाने लगती है।
कई बार परिवहन निगम के चालक इस पर आपत्ति उठाते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालकों की मनमानी के आगे इनकी एक नहीं चलती है। स्थिति यह है कि शाम होने के बाद बस स्टाॅप सेंटर से लेकर ओवरब्रिज के दूसरे छोर तक प्राइवेट बसें खड़ी दिख जाती है। इससे परिवहन निगम को आर्थिक क्षक्षति पहुंच रही है।