कायाकल्प से भी नहीं सुधरी परिषदीय स्कूलों की दशा
- कहीं शौचालय खराब तो कहीं हैंडपंप दे रहे दूषित पानी
- बिजली कनेक्शन तक नहीं, पुरानी किताबों से बच्चे कर रहे पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बेलहर। शासन की ओर से चलाई गई कायाकल्प योजना से भी परिषदीय स्कूलों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। कहीं शौचालय बदहाल हैं तो कहीं हैंडपंप खराब हैं। विद्यालयों में चहारदीवारी टूटी हुई है। जिससे बच्चों व शिक्षकों में जीव जंतुओं से खतरे का अंदेशा बना रहता है। नई किताबें नहीं मिलने से बच्चे अभी पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कर रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय पचपेड़वा के परिसर में बना बाउंड्रीवॉल धराशायी हो गया है। हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। बच्चे व शिक्षक दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। प्रधानाध्यापक राकेश कुमार मद्धेशिया ने बताया कि विद्यालय में कायाकल्प से कोई भी काम नहीं कराया गया है। बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में बिजली कनेक्शन भी नहीं है। नामांकित 49 बच्चों में बुधवार को सिर्फ 28 ही मौके पर मिले। मेनू के अनुसार बच्चों को तहरी व दूध दिया गया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि लिखित पत्र खंड शिक्षा अधिकारी को दिया गया है, लेकिन समस्या के प्रति ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्राथमिक विद्यालय सुम्हा द्वितीय के परिसर में बना शौचालय बदहाल है। बाउंड्रीवॉल पूरब की तरफ टूटकर गिर चुकी है। हैंडपंप दूषित पानी दे रहा है। बारिश में भवन से पानी टपकता है। प्रधानाध्यापक चंद्र पाल सिंह ने बताया कि स्कूल में कायाकल्प योजना के तहत कोई कार्य नहीं हुआ है। शौचालय और हैंडपंप की मरम्मत के लिए खंड शिक्षाधिकारी से कहा गया है, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। विद्यालय में 18 बच्चे नामांकित हैं, जबकि मौके पर आठ बच्चे उपस्थित मिले।
प्राथमिक विद्यालय सोनौरागुमानराय में विद्यालय का फर्श टूट मिला। बाउंड्रीवॉल नहीं है। प्रधानाध्यापक मोहम्मद नसीम ने बताया कि कायाकल्प के तहत अभी तक कोई कार्य नहीं कराया गया है। विद्यालय भवन का दरवाजा भी टूट चुका है। पुरानी किताबों से पढ़ना बच्चों की मजबूरी है। विद्यालय में 154 बच्चे नामांकित हैं लेकिन मौके पर 120 बच्चे मिले।
प्राथमिक विद्यालय छितरापार के परिसर में बना मेन गेट नहीं है। यहां भी शौचालय बदहाल है। बिजली कनेक्शन नहीं है। प्रधानाध्यापक संजय कुमार गौड़ ने बताया कि शौचालय भवन का प्लास्टर उजड़ गया है। शौचालय कभी भी ध्वस्त हो सकता है। हैंडपंप भी दूषित पानी दे रहा है। पुरानी किताबों से बच्चों को पढ़ना मजबूरी है। यहां 112 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन 86 बच्चे ही उपस्थित मिले।
सीडीओ अतुल मिश्र ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में कराए गए कार्यों की सूची बीएसए से मांगी गई है। साथ में यह भी सूचना देने को कहा गया है कि किन- किन स्कूलों में काम नहीं हुआ है। जिन स्कूलों में काम नही हुआ है, वहीं भी काम कराया जाएगा।
इंसेट
बीडीओ को पत्र भेजकर शौचालय निर्माण, हैंडपंप की खराबी, बाउंड्रीवॉल, टूटे फर्श आदि की मरम्मत कराए जाने की मांग की गई है। नई किताबें सात न्याय पंचायतों की जगह अभी सिर्फ दो न्याय पंचायतों में ही पहुंच पाई है। एक-दो दिन में बच्चों में किताबों का वितरण हो जाएगा।
ज्ञान चंद मिश्रा, खंड शिक्षाधिकारी