सेमरियावां। ब्लॉक के विभिन्न गांव, कसबों व बाजारों में स्थित जामा मस्जिदों में रमजान के तीसरे जुमा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। मस्जिदों में रोजेदारों की भीड़ उमड़ी रही। रोजेदारों ने अल्लाह से अपने किए गुनाहों की माफी मांगी।
रमजान का 20 वां रोजा शुक्रवार को मुकम्मल हो गया है। मगफिरत का अशरा खत्म होने के साथ तीसरा जहन्नुम से निजात का अशरा इफ्तार बाद शुरू हो गया है। इसके साथ ही लोगों ने एतिकाफ भी शुरू कर दिया। मदनी मस्जिद सेमरियावां में कारी नसीरुद्दीन ने जुमा की नमाज पढ़ाई। मदनी मस्जिद में मौलाना अजीजुर्रहमान कासमी ने कहा कि माह ए रमजान के रोजा की विशेषताओं, कुरान शरीफ की तिलावत, नमाज का एहतराम पाबंदी, माह-ए-रमजान के आखिरी दस दिन में विशेष इबादत, शब-ए-कद्र की रातों में जागकर इबादत करना, गुनाहों से तौबा करना, अल्लाह से दुआ मांगने के बारे में बताया।
क्षेत्र के सेमरियावां, करही, उसराशहीद, बाघनगर, उंचहरा कला, सेहुड़ा, दुधारा, कोहरियावां, देवरिया नासिर, दशावां, अगया, चिउंटना, बिगरामीर, नव्वा गांव समेत कई गांव की जामा मस्जिदों में जुमा की नमाज अदा की गई।