लॉकडाउन ने लटकाए ताले, तैयार कपड़े गोदाम में डंप होने से बुनकर बेहाल
कोविड-19 की वजह से पूर्वांचल की सबसे बड़ी वस्त्र मंडी बरदहिया बाजार का हाल
बुनकरी के धंधे से जुड़े हैं तीन लाख परिवार
नागेश सिंह
बखिरा (संतकबीरनगर )। कोरोना संक्रमण के दौर में बुनकरों द्वारा तैयार कपड़े गोदामों में डंप पड़े हुए हैं। लिहाजा पूर्वांचल की सबसे बड़ी वस्त्र मंडी बरदहिया बाजार बेहाल है। लिहाजा बुनकरों की आर्थिक स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही है।
बुनकरों ने पहली जुलाई से सात जुलाई तक फ्लैट रेट पर बिजली का बिल जमा किए जाने की मांग को लेकर कामकाज ठप रखा था। जनपद के अमरडोभा, लेडुआ-महुआ, तरकुलवा, हरदी, नौरो, ढोढ़या, सईबुजुर्ग, मेंहदावल, नंदौर, ख़लीलाबाद में बुनकरी का कार्य होता है। जबकि सिसवा, पकड़ी, बिगरा, लोहरसन, करनजोत, सांथा, गुलहरिया, कुसौना, बरगदवा, अतरी में अब बुनकरी के काम को छोड़ कर लोग अन्य धंधे को अपना चुके हैं। जिले में करीब तीन लाख लोग बुनकरी के इस परंपरागत कारोबार से जुड़े हैं। इसमें से भी काफी तादात में लोग फर्नीचर, रेडीमेड, लोअर बनाने व सिलाई का काम करने लगे है।
बुनकर नेता इशहाक अंसारी व हाजी सहरयार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से 24 मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ। तभी से कारोबार ठप पड़ा है। मजूदरों को मजदूरी देने के लिए कुछ बुनकरों ने लुंगी, गमछा, खादी, पैजामा, धोती के कपड़े तैयार जरूर कराए, लेकिन तैयार कपड़ों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध नहीं है। पूर्वांचल की सबसे बड़ी कपड़े की मंडी खलीलाबाद का बरदहिया बाजार कोरोना संक्रमण की वजह से बंद है। बुनकरों की पूंजी भी फंसी है और तैयार कपड़े गोदामों में डंप हैं। ऐसे में बरदहिया बाजार को खोला जाना जरूरी है।
बुनकर हसन बेलहरी, हाजी नईम, हाजी असलम, हाजी महमूद, हाजी मोबिन, मो यासीन, कमालुद्दीन ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए शासन द्वारा प्रतिमाह मानदेय दिया जाना चाहिए। इससे कोरोना की वजह से ठप पड़े कारोबार से हुए आर्थिक क्षति से उबरने में बुनकरों को मदद मिल सकेगी। भिवंडी से आए हुए सैकड़ों की संख्या में बुनकर रोजगार नहीं मिलने की वजह से घरों पर खाली बैठे हुए हैं। कारोबार की बंदी से उन्हें भी कहीं पर काम नहीं मिल रहा है। ऐसे मजदूरों के पास नकदी नहीं होने से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। लिहाजा बुनकरों को मनरेगा में काम दिया जाए।
कोरोना से बचाव करते हुए बरदहिया बाजार को खोले जाने की रणनीति बनाई जा रही है। सुरक्षात्मक व्यवस्था बन जाने पर बरदहिया बाजार को खोलवा दिया जाएगा जो बुनकर गांवों के रहने वाले हैं वे बीडीओ से संपर्क करें और जॉबकार्ड जारी कराएं। इसके साथ ही काम की मांग करें तो उन्हें रोजगार मिलेगा।
- डीएम, रवीश गुप्त