धनघटा के घोराग गांव में पुलिस ने छापेमारी कर बरामद की अवैध शराब बनाने का उपकरण।
धनघटा। घोरांग गांव में कुटीर उद्योग का दर्जा ले चुके अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर रोक लगाना लंबे समय से धनघटा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। रविवार को पुलिस ने कारोबारियों के ठिकाने पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कारोबारी घर छोड़कर भागने को विवश हुए। पुलिस ने चार कुंतल लहन नष्ट कराया और शराब बनाने के उपकरणों को बरामद कर कारोबारियों को आर्थिक क्षति पहुंचाई।
करीब 5,000 आबादी वाले घोरांग गांव में अवैध शराब बनाने और बेचने का काम लंबे समय से किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि 1990 के दशक में एसओ जेपी कन्नौजिया जब यहां पर छापेमारी किए थे तो कारोबारियों ने उनसे मारपीट कर ली थी। समय बीतने के साथ-साथ कच्ची शराब का व्यवसाय यहां पर फलता-फूलता रहा। रविवार को एसओ रामकृष्ण मिश्र जब भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे तो हड़कंप मच गया। अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोग घर से फरार हो गए। एसओ ने बताया कि छापेमारी के दौरान चार कुंतल लहन नष्ट की गई और भारी मात्रा में शराब बनाने के उपकरण भी बरामद कर नष्ट किया गया। छापेमारी के दौरान कारोबारी भागने में सफल रहे। एसओ ने कहा कि क्षेत्र में कहीं भी कच्ची शराब बनाने और बिकने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए बराबर अभियान चलेगा।