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जांच दर जांच बदल रहे पात्र

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लेखपालों की जांच में 3951 लोग पाए गए थे अपात्र
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डीएम के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम कर रही पात्रता की जांच
अब तक 2029 लोगों की जांच हुई पूरी, जिसमें 728 लोग मिले अपात्र
शोभित कुमार पांडेय/अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का जिले मेें बुरा हाल है। योजना की शुरूआत से लेकर वर्तमान में चौथी बार जांच हो रही है। पिछली तीन जांचों में हर बार पात्र बदल गए। वर्तमान में जिला स्तरीय टीम पात्रता की जांच कर रही है। अब तक 2029 लोगों की पात्रता की हो पाई है। जिसमें 728 लोग अपात्र पाए गए है। नगर पालिका खलीलाबाद और तीनों नगर पंचायतों में अब तक सिर्फ 1698 गरीबों का ही आवास पूर्ण हो पाया है।
शहरी गरीबों को छत मुहैया कराए जाने के लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना संचालित की गई। जिले में योजना का डीपीआर वित्तीय वर्ष 2017-18 से तैयार होना शुरू हुआ। योजना की शुरूआत से लेकर अब तक 13950 लोगों का डीपीआर तैयार हुई है। इसमें से अभी तक 7411 को पहली, 5122 को दूसरी और 1658 को तीसरी किस्त की धनराशि दी गई।
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पहली बार नगर पालिका परिषद खलीलाबाद और नगर पंचायत मगहर, नगर पंचायत मेंहदावल और नगर पंचायत हरिहरपुर के ईओ की ओर से पात्रों का चयन करके सूची डूडा कार्यालय को सौंपी गई थी। बाद में शासन की ओर से नामित संस्था क्रिएटिव कंसोटियम के कर्मियों ने पात्रता जांची। अधिशासी अधिकारियों द्वारा पात्र बताए गई कई लोगों लोगो को क्रिएटिव कंसोटियम के कर्मियों ने अपात्र बता दिया।
काफी संख्या में अपात्र मिलने डीएम ने लेखपालों की टीम लगाकर फिर से पात्रता की जांच कराई गई। लेखपालों की ओर से नगर पालिका परिषद खलीलाबाद और तीनों नगर पंचायतों में पात्रता की जांच की गई तो 3951 लोग अपात्र पाए गए। जिसमें खलीलाबाद में 1805, नगर पंचायत मेंहदावल में 475, नगर पंचायत मगहर में 832 और नगर पंचायत हरिहरपुर में 839 लोग अपात्र मिले थे। इसके बाद डीएम ने फिर से 15 जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम लगाकर पात्रता की जांच कराई जा रही है।
डूडा कार्यालय में अब तक जो रिपोर्ट जांच अधिकारियों के जरिए सौंपी गई है, उसके मुताबिक खलीलाबाद में 709 लोगों की जांच हुई है। जिसमें 310 लोग पात्र और 396 लोग अपात्र पाए गए हैं। 1099 लोगों के पात्रता की जांच पूरी नहीं हो पाई है। नगर पंचायत मेंहदावल में 180 लोगों के पात्रता की जांच हुई है। जिसमें 47 लोग पात्र और 133 लोग अपात्र पाए गए हैं। 295 लोगों के पात्रता की जांच प्रक्रिया में है। मगहर में 304 लोगों की पात्रता की जांच हुई है। इसमें से 147 पात्र और 157 लोग अपात्र पाए गए हैं। 304 लोगों के पात्रता की जांच अभी बाकी है। सिर्फ नगर पंचायत हरिहरपुर में जांच पूरी हुई है। यहां 797 लोग पात्र पाए गए हैं। 42 लोग अपात्र पाए गए है।
कई लाभार्थियों का लाभ लेने से इंकार
जिला स्तरीय अधिकारियों की जांच में अपात्र होने की जो वजहें बर्ताइं गईं हैं उनमें लाभार्थी के पास खुद का पक्का मकान होना दर्शाया गया है। इसके साथ ही नगर पालिका या फिर नगर पंचायत की सीमा के बाहर के निवासी बताए गए हैं। कुछ लाभार्थी की उम्र 18 वर्ष से कम दर्शायी गई है। कुछ के पास जमीन नहीं होना बताया गया है। कुछ आवेदकों के जरिए कहा गया है कि उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं चाहिए। वहीं कुछ लोगों के नाम खलीलाबाद में मान्यवर कांशीराम शहरी आवास में मकान आवंटित है। जबकि कुछ लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है।
जांच में रुचि नहीं दिखा रहे कई अधिकारी
टीम में शामिल जिला स्तरीय अधिकारियों में कुछ ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो पीएम शहरी आवास के लाभार्थियों के पात्रता की जांच में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। डूडा कार्यालय की ओर से इन्हें बार- बार जांच पूरी करके रिपोर्ट देने का अनुरोध किया जा रहा है। पर स्थिति नहीं सुधर रही।
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प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की कई चरणों में जांच हुई। लेखपालों की जांच में 3951 लोग अपात्र बताया। जिलास्तरीय अधिकारियों की जांच में अब तक 728 अपात्र पाए गए है। जबकि 1301 लोग पात्र मिले हैं। 1658 लोगों के पात्रता की जांच पूरी नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द जांच कर अपनी रिपोर्ट डूडा कार्यालय को उपलब्ध करा दें, जिससे पात्र पाए गए लोगों को प्रथम किस्त की धनराशि दी जा सके।
- रणविजय सिंह, एडीएम
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