संतकबीरनगर। आमी नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की पहल की थी। इसके लिए 70 करोड़ का प्रस्ताव बना था, लेकिन यह योजना अब तक अमल में नहीं आ सकी। विभिन्न नगर पंचायतों और औद्योगिक ईकाइयों से निकलने वाला गंदा पानी आमी में गिर रहा है। इससे नदी में प्रदूषण बढ़ रहा है। अभी पिछले दिनों डीएम ने जंगलऊन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए जमीन का चिह्नांकन के निर्देश हैं।
नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए शासन ने कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत खलीलाबाद, मगहर और बखिरा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने हैं। करीब एक साल पहले प्रशासन ने इसके लिए पहल करते हुए सीवरेज ट्रीटमेंट लगाने के लिए करीब 70 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया था। इसमें खलीलाबाद में दो एकड़, मगहर में एक एकड़ और बखिरा में डेढ़ एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई थी, लेकिन जमीन की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।
हालांकि पिछले दिनों डीएम आलोक कुमार ने जंगल ऊन में प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया था और एसडीएम सदर को जमीन की उपयोग के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। दूसरी तरफ बखिरा में भी तीन स्थानों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। मगहर में भी अभी तक जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
इसके कारण नगर पालिका, नगर पंचायत और औद्योगिक ईकाइयों का गंदा पानी सीधे आमी नदी में गिर रहा है। जिससे समस्या बनी हुई है। यह योजना अमल आ जाए तो न सिर्फ आमी प्रदूषण मुक्त होगी, बल्कि आस पास रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।