ठंड और गलन से लोग परेशान, गरीबों की बढ़ीं मुसीबतें
-शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं दिख रहे अलाव
-दोपहर के बाद निकली धूप तो मिली थोड़ी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद ठंड और गलन बढ़ गई है। इससे लोग परेशान हैं। शनिवार की सुबह बादल छाए रहने से लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गए हैं। जो लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निकले, वे खुद को गर्म रखने के लिए भटकते रहे। इधर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं दिख रही है, जिससे गरीबों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
नव वर्ष की सुबह काफी ठंडक भरी रही। आसमान में बादल छाए रहे। साथ ही हवा चलती रही, जिसके कारण ठंड में काफी इजाफा हो गया है। ऐसे में लोग सुबह घरों में ही कैंद रहे। सुबह सैर के लिए निकलने वाले भी कम दिखे। दफ्तरों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। जो लोग घरों से निकले, वे भी कुछ दूरी तय करने के बाद खुद को गर्म रखने के लिए भटकते रहे। कुछ लोग चाय की दुकानों पर पहुंचकर चाय के साथ ठंड को कम करने का प्रयास करते रहे। दोपहर बाद करीब दो बजे आसमान कुछ साफ हुआ और सूर्य के दर्शन हुए तो लोगों ने कुछ राहत महसूस की। शाम होते ही फिर ठंड का असर दिखने लगा, ऐसे में सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। इधर पालिका प्रशासन के दावे के बावजूद अधिकतर स्थानों पर अलाव जलते नहीं दिखे। ऐसे में लोग काफी परेशान रहे। ऐसी ही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों के चौराहों पर भी रही। कहीं पर भी अलाव नहीं दिखा। मजदूर तबके के लिए ठंड मुसीबत बन गई है। कारण यह है कि उन्हें ठंड के चलते काम नहीं मिल पा रहा है। खलीलाबाद के आजाद चौक के पास मिले मजदूर झिनकान प्रसाद, राम सूरत आदि ने बताया कि सुबह से ही खड़े हैं, लेकिन काम नहीं मिल पाया, जिससे वापस जाने की मजबूरी है। खलीलाबाद शहर के निवासी राकेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि ने सभी प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। इस संबंध में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि मेंहदावल बाई पास सहित कई स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। जहां और जरूरत महसूस की जाएगी, वहां भी अलाव जलवाने की व्यवस्था की जाएगी।