- धनघटा क्षेत्र के बैजनाथपुर गांव में कोटे की दुकान की जांच के दौरान हुई मारपीट
- जांच छोड़कर भागे सप्लाई इंस्पेक्टर, पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के बैजनाथपुर गांव में अनियमितता की शिकायत पर कोटे की दुकान की जांच के दौरान सप्लाई इंस्पेक्टर के सामने कोटेदार और प्रधान पक्ष के लोग मारपीट करने लगे। दोनों तरफ से चले ईंट और पत्थर से दोनों तरफ के 10 लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में चल रहा है। मारपीट होता देख अधिकारी जांच को अधूरा छोड़कर भाग खड़े हुए। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
15 दिन पहले बैजनाथपुर गांव निवासी सुनील बेलदार, सिकंदर बेलदार, कलाधर बेलदार, राघव, निखिल आदि ने एसडीएम को शिकायत पत्र देकर कोटेदार रणविजय सिंह पर आरोप लगाया था कि वह राशन देने में घटतौली करते हैं। गरीबों के लिए आए अनाज की कालाबाजारी करते हैं। इसकी जांच कर कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।
एसडीएम रमेश चंद्र ने जांच की जिम्मेदारी सप्लाई इंस्पेक्टर सौरभ गोस्वामी को दी थी। पिछले सप्ताह जांच करने जाना था लेकिन वह अज्ञात कारणों से नहीं जा सके। बुधवार को वह सीधे बैजनाथपुर गांव में पहुंच गए और कोटेदार के घर के सामने कार्डधारकों को बुलाकर बयान दर्ज करने लगे। इस दौरान दोनों पक्ष के लोग बात करते-करते भिड़ गए। दोनों तरफ से ईंट, पत्थर चलने लगे। मौके से जांच अधिकारी भाग निकले। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पुलिस पहुंच गई।
बीच-बचाव करने में पुलिस को भी मशक्कत का सामना करना पड़ा। किसी तरह दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों को पुलिस ने पकड़कर थाने भेज दिया। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली पहुंचाया गया। प्रधान पक्ष से राघव पुत्र पुरुषोत्तम, सिकंदर पुत्र जगदीश, सुनील पुत्र इंद्रजीत, नितिन पुत्र राधेश्याम, कलाधर और अभिषेक घायल हुए हैं तो कोटेदार पक्ष के जय सिंह, यशवंत सिंह, राघवेंद्र सिंह और ज्ञानेंद्र सिंह घायल हुए हैं। गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। एसओ अनिल कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है।