संतकबीरनगर। नवरात्र की शुरुआत के साथ ही धंधेबाज भी सक्रिय हो गए हैं। बाजार में मिलावटी मूंगफली, किशमिश, रामदाना, तिल का तेल, मूंगफली का तेल बेचा जा रहा हैं। धंधेबाजों के मिलावट के खेल को इस बात से समझिए की कच्चा रामदाना 110 रुपये किलो बिक रहा और भुना हुआ 200 रुपये किलो तक बाजार में मिल रहा है। इसी प्रकार से मूंगफली के तेल में खेल किया जा रहा है।
त्योहार आते ही धंधेबाज सक्रिय हो जा रहे हैं, ऐसे में खाद्य सामग्रियों की खरीदारी करने में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आस्था के साथ खिलवाड़ करने पर आमादा धंधेबाज पुरानी खाद्य सामग्री को भी नई पैकिंग में बेच रहे हैं। बाजार में सिंघाड़े और कुटटू के अलावा तिन्नी का चावल, मूंगफली व रामदाना के पुराने स्टाॅक को नए पैकेट में बेचा जा रहा है। शुद्ध सिंघाड़ा और कुटट् का आटा 180 रुपये किलोग्राम बिक रहा है।
जबकि मिलावटी कुट्टू का आटा 110 से 120 रुपये किलो तक है। कई बेनामी कंपनियों के पैकेट और डिब्बे में 100 से 200 ग्राम की पैकिंग में देसी घी बाजार में उपलब्ध है। बिना नाम की इन कंपनियों की पैकिंग में देशी घी की खुशबू तो रहती है लेकिन शुद्धता नहीं रहती है।
वहीं तिल का तेल 140 रुपये लीटर है जबकि बिना कंपनी के बोतल में तिल का तेल 100 रुपये लीटर बिक रहा है। वहीं मूंगफली बाजार में तीन तरह की बिक रही है। इसमें थोड़ा काला कलर वाली 90 रुपये, उससे साफ 110 तो सफेद रंग में 130 रुपये प्रति किलो है। जबकि मूंगफली का तेल ब्रांडेड कंपनियों का 215 से 230 रुपये लीटर है। जबकि कुछ ऐसी कंंपनिया है जिसका मूंगफली का तेल 165 रुपये लीटर है।