जिला अस्पताल में मरीज को परामर्श देते चिकित्सक। संवाद
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग में रोगी नियमित पहुंच रहे हैं। विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उमेश चंद्र ने बताया कि प्रतिदिन 80 से 90 मरीज होम्योपैथिक चिकित्सा से इलाज करानेके लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। रोगी पर होम्योपैथी दवाओं का विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। यह दवाएं रोग के साथ उसके मूल कारण को भी खत्म करती हैं।
डॉ. उमेश ने कहा कि यह सुरक्षित तरीका है जो कई गंभीर बीमारियों का सफल उपचार करता है। यह दवाएं मरीज को दवाओं पर निर्भर नहीं बनातीं और इनकी आदत भी नहीं पड़ती है। बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्गों के लिए होम्योपैथी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जिला अस्पताल में चर्म रोग, लिपोमा, हड्डी बढ़ना, गर्मी से होने वाली उल्टी-दस्त और पानी की कमी जैसी समस्याओं का इलाज किया जा रहा है। होम्योपैथी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और शरीर को धीरे-धीरे मजबूत बनाती है। डॉ. उमेश ने कहा कि आनुवंशिक और पुराने लाइलाज रोगों का भी बेहतर उपचार संभव है। दवाओं को सही तरीके और निर्देशानुसार लेना बहुत जरूरी है, तभी पूर्ण लाभ मिलता है।