आयुष चिकित्सक के सहारे पीएचसी दुधारा में मरीजों का हो रहा इलाज
- अस्पताल पर नहीं आते है एलोपैथिक डॉक्टर
- बदहाली का शिकार है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुधारा
संवाद न्यूज एजेंसी
दुधारा। विकास खंड सेमरियावां के ग्राम दुधारा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार है। यहां तैनात एलोपैथिक चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं आते हैं। मरीजों का इलाज महिला आयुष चिकित्सक के सहारे होता है। बेहतर इलाज की सुविधा न मिलने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में बड़े-बड़े घास-फूस इसकी बदहाली की गवाही दे रहे हैं।
पीएचसी दुधारा में एक एमबीबीएस चिकित्सक डॉक्टर इम्तियाज अहमद तैनात हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि वह ड्यूटी पर कभी नहीं आते हैं। यहां आने वाले मरीजों का इलाज महिला आयुष चिकित्सक डॉ फिरदौस के सहारे होता है। इस हॉस्पिटल को प्रसव केंद्र भी बनाया गया है, इसलिए यहां इलाज के लिए आमतौर पर महिलाएं ही आती हैं। पिछले महीने यहां ओपीडी के लिए 487 मरीज पहुंचे, जो कि एक दिन में करीब 16 मरीज होते हैं। यहां एक फार्मासिस्ट जुबेर अहमद तैनात हैं। यहां आने वाले मरीजों का इलाज फार्मासिस्ट भी करते हैं। एक लैब असिस्टेंट राम लौट एक स्वीपर रघुनाथ प्रसाद और दो स्टाफ नर्स पुष्पा शर्मा और पूनम पांडेय तैनात हैं। इसके बावजूद यहां कम संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ग्राम प्रधान दुधारा अब्दुल कलाम, पूर्व प्रधान मुशीर अहमद, मोहम्मद शाहिद, रफी अहमद, मोहम्मद सलमान आदि ने बताया कि डॉक्टर के अस्पताल पर न आने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों का यह भी कहना है कि अस्पताल की छत काफी दिन से टपक रही थी। पिछले दिनों एक ठेकेदार ने छत की मरम्मत के नाम पर थोड़ा सा लेपन कराकर खानापूर्ति कर दिया। पिछले दिनों हल्की बारिश हुई थी फिर भी छत में सीलन नजर आ रही थी। लोगों को आशंका है कि आने वाली बरसात में छत टपकेगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुधारा में तैनात चिकित्सक डॉक्टर इम्तियाज अहमद एक महीने से अवकाश पर हैं, जल्द ही वे आ जाएंगे। जहां तक गंदगी अन्य समस्याओं की बात है तो जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर जगदीश पटेल, अधीक्षक सीएचसी सेमरियावां