संतकबीरनगर/ सेमरियावां। युवाओं को जिले में ही तकनीकी शिक्षा मिल सकेगी। लंबे समय से तैयार बघौली और सेमरियावां में नवनिर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का संचालन शैक्षिक सत्र 2026-27 से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने प्रदेश के 31 नवनिर्मित राजकीय आईटीआई में सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है, जिसमें बघौली और सेमरियावां राजकीय आईटीआई भी शामिल है।
सेमरियावां व आसपास क्षेत्र के युवाओं को अब तक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए बस्ती, गोरखपुर, लखनऊ या अन्य जनपदों का रुख करना पड़ता था। इससे समय और आर्थिक दोनों तरह का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता था।
सेमरियावां में आईटीआई शुरू होने से स्थानीय युवाओं को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। लोगों का मानना है कि आईटीआई से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
प्रशिक्षित युवा उद्योगों, बिजली विभाग, निर्माण क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा एयर कंडीशनिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का भी लाभ उठा सकेंगे।
क्षेत्र के अभिभावकों और युवाओं ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से सेमरियावां में आईटीआई संचालन की मांग की जा रही थी। अब संस्थान शुरू होने से ग्रामीण अंचल के हजारों युवाओं को अपने क्षेत्र में ही तकनीकी शिक्षा और रोजगार की दिशा में नई पहचान मिलेगी।
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यह ट्रेंड होंगे संचालित
शासनादेश के अनुसार सेमरियावां राजकीय आईटीआई में फिटर, इलेक्ट्रिशियन, मैकेनिक आरएसी (रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग), कोपा (कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट), मशीनिस्ट, वेल्डर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक जैसे रोजगारपरक ट्रेड संचालित किए जाएंगे।
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आईटीआई शुरू कराने की मांग को लेकर डीएम को सौंपा था ज्ञापन
सेमरियावां। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुहम्मद अहमद व सदस्य जिला पंचायत फातिमा ने बीते पांच जून को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सेमरियावां में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश एवं शिक्षण कार्य शुरू कराने की मांग की थी। वर्ष 2013 में स्वीकृत आवासीय मिनी आईटीआई का भवन निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक शिक्षण कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने डीएम से आईटीआई का संचालन शीघ्र शुरू कराने की मांग की थी।