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Sant Kabir Nagar News: पता बदलकर बनते थे पासपोर्ट, रुपये लेकर खेल करते थे दलाल

Sun, 12 Jul 2026 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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संतकबीरनगर। फर्जी पासपोर्ट प्रकरण में जांच के बाद दूसरे जनपद के लोगों के पासपोर्ट संतकबीरनगर के फर्जी या बदले हुए पते पर बनवाने के मामले सामने आए हैं। इसके लिए सक्रिय दलाल मोटी रकम लेकर पूरा नेटवर्क संचालित करते थे। वे फर्जी दस्तावेज तैयार कराते, पता बदलवाते और सत्यापन की प्रक्रिया को प्रभावित कर पासपोर्ट बनवा लेते थे।
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तीन दिन पूर्व दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र के मोरवन निवासी आरोपी विजय शुक्ला ने अपने पासपोर्ट में खलीलाबाद का पता दर्ज कराया था। जब उसके दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो पता चला कि वह वास्तविक निवासी कहीं और का है। इसके बाद मामले की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं।
जांच में यह भी सामने आया है कि गोरखपुर के कुछ आरोपियों ने भी संतकबीरनगर के पते पर पासपोर्ट बनवाए थे। इन मामलों में इस्तेमाल किए गए पते, दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया में पूरी तरह से फर्जीवाड़ा किया गया था। इसमें पासपोर्ट सेल में तैनात हेड कांस्टेबल मनोज पटेल की अहम भूमिका जांच में पाई गई।
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सूत्रों के अनुसार, दलाल जरूरतमंद लोगों से हजारों रुपये लेकर उन्हें स्थानीय निवासी दर्शाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराते थे। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन कराया जाता था।

30 हजार से 1.5 लाख रुपये तक वसूलते थे दलाल
पुलिस जांच में सामने आया कि पासपोर्ट सेल में तैनात तत्कालीन हेड कांस्टेबल मनोज कुमार पटेल जिला आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग कर नॉट क्लियर रिपोर्ट को पैसे लेकर क्लियर कर देता था। पुलिस ने मुख्य दलाल वीरेंद्र यादव और अन्य बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया था। जिनको जेल भेजा गया। पुलिस जांच में पाया गया था कि दलाल प्रति पासपोर्ट 30,000 से 1.5 लाख रुपये तक की रकम वसूलते थे। इसमें सबकी हिस्सेदारी थी।
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विदेश में वीजा समाप्त होने के बाद रहने पर जब्त हो जाता है पासपोर्ट
जानकारों की मानें तो जो व्यक्ति वीजा पर विदेश जाता है और वीजा समाप्त होने के बाद काफी समय तक नियम विरुद्ध तरीके से रह जाता है जो उसे उस देश में अवैध माना जाता है। वहां के अधिकारियों की पकड़ में आने के बाद उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया जाता है अथवा उसे हमेशा के लिए बैन कर दिया जाता है। ऐसे में वहां से वापस आने के बाद संबंधित व्यक्ति फिर से विदेश जाने के लिए दलाल का सहारा लेता है और मनमानी कीमत देकर फिर से पासपोर्ट बनवाकर विदेश जाने की तैयारी में जुट जाता है।
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कई और ने भी बनवाए हैं पता बदलकर पासपोर्ट
राहुल शाही उर्फ रुद्र प्रताप को पुलिस ने चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, लखनऊ से उस समय गिरफ्तार किया जब वह बैंकॉक से लौट रहा था। इसके पास से फर्जी पासपोर्ट और दो आधार कार्ड बरामद हुए। सुमंत उर्फ चंदू गोरखपुर का निवासी है, जो खलीलाबाद के चंदू नाम के फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाकर बैंकॉक भागा था, जिसे मुंबई एयरपोर्ट पर उतरते ही गिरफ्तार किया गया। दीपक यादव उर्फ शिवकुमार ने अपना नाम बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और कोलकाता एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन टीम द्वारा पकड़े गए। डीडीयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव उर्फ अमन यादव को भी संतकबीरनगर के फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाकर बैंकॉक की यात्रा करने के आरोप में पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
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फर्जी पासपोर्ट प्रकरण में लुक आउट सर्कुलर जारी हुआ है, जो लोग विदेश से लौट रहे हैं, उन्हें एयरपोर्ट अथारिटी कस्टडी में लेकर सूचना देती है। इसके बाद उन्हें वहां से लाकर कानूनी कार्रवाई पूरी करके जेल भेज दिया जा रहा है।
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-प्रियम राजशेखर पांडेय, सीओ, खलीलाबाद
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