खलीलाबाद में दो दिवसीय बैठक में पूर्व में पारित प्रस्तावों पर होगी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भारत तिब्बत समन्वय संघ देश का ऐसा सबसे बड़ा संगठन है। अखंड भारत के पुनर्गठन में लगा है, जो तिब्बत को स्वतंत्र कराने के साथ-साथ भारत के सबसे बड़े शत्रु चीन से सुरक्षा के लिए अनवरत जन जागरण का कार्य कर रहा है। उक्त बातें संघ की राष्ट्रीय मंत्री महिला विभाग डॉ. सोनी सिंह ने शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर पर्वत अब चीन के चंगुल में है, वह देवों के देव महादेव का अपना मूल निवास स्थान है। आश्चर्य है कि यह सनातनी समाज सोया हुआ है और अब यह श्री राम जन्मभूमि मुक्ति जैसा बड़ा आंदोलन खड़ा करने जैसा कार्य करना है, जो भारत तिब्बत समन्वय संघ तेजी से कर रहा है।
ऐसे ही कई विचारों के साथ सात व आठ अक्तूबर को होटल सोनी में संघ की राष्ट्रीय कोर परिषद की बैठक हो रही है। जिसमें आगामी रणनीति पर गंभीरतापूर्ण विचार कर कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए जाने की उम्मीद है। पूर्व में पारित 25 प्रस्तावों की समीक्षा भी होगी। बैठक में राष्ट्रीय स्तर के अधिकारियों में रॉ के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी नरेश कुमार सूद, तिब्बत क्षेत्र के भूगर्भीय मामलों के जानकार डॉ. सूरज कुमार पारचा, इग्नू की वीसी प्रो. सुमित्रा कुकरेती, युवा नेता व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह, वसीम रिजवी आदि शामिल होंगे। इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री राम कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष उमाशंकर पांडेय, पूर्व सांसद इंद्रजीत मिश्र, राष्ट्रीय सह मंत्री अनीता जय सिंह, श्रीकांत मणि त्रिपाठी और शिवेंद्र विक्रम सिंह समेत अन्य मौजूद थे।