प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ की टीम गुरुवार शाम को बस्ती और संतकबीरनगर में आमी के प्रदूषित पानी की जांच करने पहुंची। टीम ने बस्ती जिले के रुधौली, सिकरिया नाला और संतकबीरनगर जिले मगहर आमी पुल व बालूशासन घाट पुल के पास पहुंच कर पानी का नमूने लिए। जांच टीम ने नदी फैक्ट्रियों द्वारा गिराए जा रहे औद्योगिक उत्प्रवहन को भी देखा और रैना पेपर मिल, रुधौली व मगहर नगर पंचायत के ईओ देकर सुधार की हिदायत दी।
मुख्य पर्यावरण अधिकारी प्रमोद मिश्र और उनके सहयोगी डॉ. हरीशचंद्र जोशी साथ बस्ती पहुंचे। यहां क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी बस्ती डॉक्टर अरविंद, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गोरखपुर, एसडीएम खलीलाबाद उमेशचंद निगम और एसडीएम रुधौली के साथ टीम ने कई स्थानों पर मौका मुआयना कर नमूने जुटाए। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डॉक्टर अरविंद ने बताया कि प्रमुख सचिव पर्यावरण के निर्देश के क्रम में मुख्य पर्यावरण अधिकारी की अगुआई में आमी नदी के तटों और औद्योगिक स्थलों के साथ ही आमी में गिर रहे नालों का निरीक्षण किया गया। सिकरिया नाला, बालूशासन घाट और मगहर आमी पुल के पास से पानी के नमूना लिए गए।
रुधौली नगर पंचायत के नाले का पानी और मगहर नगर पंचायत के नाले का पानी आमी में गिरता है। इन दोनों स्थानों को देखने के बाद दोनों नगर पंचायतों के ईओ को नोटिस जारी पानी नदी में न गिराने की हिदायत दी गई। मगहर स्थित रैना पेपर मिल के ट्रीटमेंट प्लांट की जांचकर औद्योगिक उत्प्रवहन नदी में न गिराकर शुद्धिकरण के बाद उसे फैक्ट्री में प्रयोग में लाने को कहा गया और इस संबंध में नोटिस भी दिया गया। एकत्र नमूनों को जांच के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा।