जिले में बुधवार को आग की छह घटनाओं में 100 बीघा गेहूं की फसल और आठ झोपड़ियां जल गईं। आग बुझाने की कोशिश में जुटे दो भी इस दौरान झुलस गए। बाद में मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू किया।
मनियरा और कांटे प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के लहुरादेवा के सीवान में अज्ञात कारणों से आग लग गई। तेज हवा के कारण आग फैल कर पैली गांव के सीवान तक चली गई और करीब 72 बीघे गेहूं की फसल जल गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने कांटे चौकी के पुलिस कर्मियों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया। आग की घटना में फूलदेव, जगदंबा तिवारी ,श्याम लाल, अश्वनी कुमार, फुलझडी, द्वारिका प्रसाद ,इंद्रदेव ,सुरेंद्र, अवधनारायण, जीतनरायन, राघव प्रसाद, अंगद, अनिरुद्ध प्रसाद, चंद्रशेखर, सत्यदेव, बालगोविंद, द्वारिका ,हीरा, रामजीत, श्यामजी, माधुरी, देवनारायण, रामजी, रामानंद, ज्ञानमती, रामनिधि उपाध्याय, कृष्णचंद्र आदि किसानों की फसल जल गई।
गांव वालों ने बताया कि आग लहुरादेवा से फैलते हुए पैली के सीवान तक पहुंच चुकी थी। लहुरादेवा निवासी राम प्रगट तिवारी ट्रैक्टर से जुताई करके आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे। उसी दौरान ट्रैक्टर में आग लग गई और वह भी आग बुझाते समय चपेट में आ गए। जिससे बुरी तरह झुलस गए। गांव वालों ने उन्हें निकट के एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया।
धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार, महुली क्षेत्र के कोल्हूगाड़ा में अज्ञात कारणों से आग लग गई। जिसमें आठ लोगों की झोपड़ियां और तीन बीघा गेहूं जलकर नष्ट हो गया। गांव वालों ने बताया कि बाबूराम पुत्र विरई की छप्पर में अचानक आग लग गई। जब तक लोग शोर मचाते हुए आग बुझाने का प्रयास करते, आग आस- पास के छप्परों को पकड़ ली। आग की घटना बाबूराम, रामकिशुन, राममूरत, रामचंदर, रामदीन, राममिलन, सुदामा और सरयू की झोपड़ी को जला दिया। इससे झोपड़ियों में रखा अधिकांश सामान भी जल गया। आग में रामचंदर की एक बाइक और पांच साइकिलें, किसानों की चारा काटने की मशीनें आदि भी जल गई। जबकि राजमन तिवारी का तीन बीघे गेहूं की फसल भी जल कर नष्ट हो गया।
आग बुझाते समय पिंटू पुत्र निर्मल झुलस गए, जिन्हें लोग नजदीक के अस्पताल ले गए। खबर पर एसओ अनिल सिंह फायर भी पहुंच गए। गांव वालों की मदद से फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया। प्रभारी एफएसएसओ त्रिवेणी पांडेय ने बताया कि बुधवार को जिले में धरोही, लहुरादेवा, कोल्हूगाड़ा, अनई,भक्ठान समेत छह जगहों पर आग लगी। जिसमें करीब 100 बीघे गेहूं की फसल जलने का अनुमान है। कोल्हूगाड़ा में आठ लोगों की झोपड़ियां और बाइक, साइकिल अनाज,कपड़ा आदि जल गया है।