बखिरा। ग्राम प्रधान भगवानपुर रामवृक्ष द्वारा 18 परियोजनाओं में बगैर कार्य कराए रनिंग भुगतान के नाम पर लाखों की रकम की अनियमितता का मामला डीएम की ओर से गठित टीम की जांच में सही पाया गया।
इसी जांच आख्या के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान भगवानपुर को एक पखवाड़े के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए 29 जनवरी को नोटिस दिया है। अपना पक्ष नहीं रखने पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता शैलेश राजभर की गई शिकायत पर गठित टीम ने 21 अक्तूबर 2024 को जांच की थी। जिसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी के कार्यालय में 22 अक्तूबर को प्रस्तुत की गई। जांच टीम ने गांव में जाकर भौतिक सत्यापन किया था, जिसमे मौके पर कार्य नहीं मिला, लेकिन कार्य के सापेक्ष धन का आहरण किया गया था।
18 बिंदुओं की शिकायत के अनुसार भगवानपुर ग्राम प्रधान रामवृक्ष द्वारा गांव में सड़क निर्माण, ह्यूम पाइप, इंटरलॉकिंग, सरकारी धन से निजी दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगवाना, एक ही तिथि पर तीन परियोजनाओं का 1,82,427 रुपये का आहरण कर लिया गया। उपरोक्त समेत कुल 18 परियोजनाओं का कार्य चल रहा था।
इन सभी परियोजनाओं पर बगैर कार्य कराए रनिंग भुगतान के नाम पर ग्राम प्रधान ने लाखों रुपये हड़प लिए। जिलाधिकारी ने भगवानपुर ग्राम प्रधान के खिलाफ संयुक्त जांच कमेटी गठित करने का आदेश दिया। गठित कमेटी ने 21 अक्तूबर को सत्यापन करते हुए 22 अक्तूबर को जांच रिपोर्ट सौंप दिया था।
रिपोर्ट को संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने नोटिस जारी करते हुए ग्राम प्रधान भगवानपुर को एक पक्ष के भीतर साक्ष्य अभिलेख सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। नियत समय भीतर अपना पक्ष नही प्रस्तुत करने पर पंचायती राज अधिनियम के अन्तर्गत कार्रवाई की चेतावनी दी है।