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आमी की दशा सुधारने को नहीं मिले 73 करोड़

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आमी की दशा सुधारने को नहीं मिले 73 करोड़
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नमामि गंगे परियोजना में शामिल है नदी, जल निगम ने 53 व वन विभाग ने 20 करोड़ का भेजा है प्रस्ताव
खलीलाबाद व मगहर में लगना है सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, नदी के किनारे होना है पौधरोपण
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। नमामि गंगे परियोजना में शामिल आमी नदी की दशा सुधारने के लिए जलनिगम और वनविभाग ने एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) की हाईपॉवर कमेटी के निर्देश पर 73 करोड़ का प्रस्ताव दो माह पूर्व भेजा था। बजट न मिल पाने से नदी की दशा सुधारने का कार्य शुरू नहीं हो सका है। वहीं इस संबंध में सांसद ने जल शक्ति मंत्रालय के अफसरों से बात करने की बात कही है।
सिद्धार्थनगर जिले के सिकहरा ताल से निकली आमी नदी का करीब 60 किलोमीटर हिस्सा संतकबीरनगर जिले में है। बस्ती की चीनी मिल, खलीलाबाद की एक पेपर मिल, नगर पालिका और मगहर नगर पंचायत का गंदा पानी नदी में गिरता है। जलप्रवाह कम होने और प्रदूषित जल के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ चुका है। गर्मी नदी की दशा अत्यंत दयनीय हो जाती है। आमी बचाओ मंच ने जब एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) को इस संबंध में जानकारी दी तो प्राधिकरण की हाईपॉवर कमेटी ने पिछले वर्ष नदी का निरीक्षण किया गया था। कमेटी के अध्यक्ष डीपी सिंह ने खलीलाबाद व मगहर के नगर क्षेत्र का पानी नदी में गिरने से रोकने के लिए दोनों जगह सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और नदी के दोनों तरफ पांच किलोमीटर की चौड़ाई में पौधरोपण व जलाशयों को सक्रिय करने का निर्देश दिया था। इसके बाद जल निगम ने खलीलाबाद के लिए लगभग 34 करोड़ व मगहर के लिए 19 करोड़ की लागत से दो सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की कार्ययोजना बनाकर भेजी। वहीं वन विभाग की ओर से नदी के दोनों किनारे पौधरोपण के लिए 20 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया।
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खलीलाबाद व मगहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर कुल 53 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा चुका है। बजट मिलते ही कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। दोनों जगह प्लांट लगने के शहर के नालों का पानी संशोधित होकर नदी में जाएगा।
- वीपी सिंह, एक्सईएन जलनिगम
आमी नदी के दोनों किनारे किसानों की जमीनें हैं। ऐेसे पौधरोपण कराने में दिक्कत है। किसानों को प्रोत्साहित करके पौधरोपण कराना है। इस कार्य पर करीब 20 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इतने बजट का जिला स्तर पर प्रबंध संभव नहीं है। शासन से धन आवंटित होते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। - टी रंगाराजू, डीएफओ
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अफसरों से बात करके करेंगे प्रयास : सांसद
संतकबीनगर के सांसद प्रवीण निषाद ने कहा कि आमी नदी जिले की विशिष्ट पहचान है। इस पवित्र नदी का जल आचमन लायक बनाने का प्रयास किया जाएगा। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व पौधरोपण के लिए जिस बजट का प्रस्ताव भेजा गया है, उसकी स्वीकृति के लिए जलशक्ति मंत्रालय के अफसरों से बात की जाएगी। नदी की सफाई व पौधरोपण के लिए बजट की कमी नहीं होने पाएगी।
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