संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। अयोध्या को जनकपुर से जोड़ने वाले रामजानकी मार्ग पर जिले की सीमा में रोडवेज बस की व्यवस्था नहीं है। इससे यात्री निजी साधन से करीब 70 किलोमीटर की यात्रा करने को विवश हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जनकपुर से पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की बरात इसी रास्ते होकर अयोध्या गई थी। तभी से इस रोड का नाम रामजानकी मार्ग पड़ गया लेकिन गोरखपुर के सिकरीगंज से बस्ती के कलवारी तक इस मार्ग पर 70 किलोमीटर की दूरी में रोडवेज बस की सेवा नहीं है।
मार्ग का चौड़ीकरण होने के बाद सड़क की व्यस्तता अधिक हो गई है। इस मार्ग पर सिकरीगंज से कलवारी तक रोडवेज की बस न चलने के कारण यात्री निजी साधनों से आते-जाते हैं।
यात्री दीनदयाल, शोएब अख्तर, रामकिशुन, परमेश्वर, सुभावती, आदित्री, दयानंद आदि का कहना है कि रोडवेज की बस इस मार्ग पर न चलने के कारण निजी वाहन चालक मनमाना किराया वसूलते हैं।