संतकबीरनगर। ठंड बढ़ रहा है। ऐसे में हार्ट के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। जिले में हार्ट के मरीजों को समय से उपचार मिलना कठिन है। जिला अस्पताल में एक भी कार्डियोलाॅजिस्ट नहीं है। ज्यादातर मरीजों को गोरखपुर और बस्ती रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में हार्ट के प्रतिदिन करीब 10 से 15 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
बदलते जीवन शैली के बीच तेजी से हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। 20 लाख की आबादी वाले जिले में एक भी कार्डियोलाॅजिस्ट की तैनाती नहीं है।
हार्ट के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अन्य जनपद का रूख करना पड़ता है। जनपद के सरकारी अस्पताल में फिजिशियन से दवा लेते हैं, लेकिन वह भी मरीजों को कार्डियोलाॅजिस्ट से दिखाने की सलाह देते हैं। सरकार भले ही स्वास्थ्य सुविधा का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। कार्डियाेलाॅजिस्ट सहित अन्य गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जिले के बाहर का जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में हार्ट के प्रतिदिन करीब 10 से 15 मरीज आते हैं और फिजिशियन से इलाज कराते हैं। फिजिशियन को समझ में न आने पर उन्हें गोरखपुर या बस्ती रेफर कर देते हैं।