संतकबीरनगर। निषाद समाज को अनुसूचित जाति का आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को भी कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय कुमार निषाद की बिना शर्त रिहाई की मांग की और कहा कि कसरवल कांड में जो भी प्रदर्शनकारी अब तक जेल में बंद हैं, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
ऐसा नहीं किया गया तो आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया।
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ता अमरजीत निषाद, शिव कुमार गौड़, सूरज प्रजापति आदि के नेतृत्व में बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि निषाद समाज अपना हक लेकर रहेगा। आजादी के बाद से ही निषाद समाज को विभिन्न राजनैतिक दलों के लोगों ने सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल किया। जब हक देने की बात आई तो कोई आगे नहीं आ रहा है।
वक्ताओं ने कसरवल कांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और कहा कि जिन आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। बाद में प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
प्रदर्शन में प्रकाश बेलदार, सुक्खू तुरैहा, अर्जुन मांझी, पिंटू निषाद, प्रेमशंकर निषाद, चंद्रभान निषाद, राम सूरत गौड़, रामललित प्रजापति, बाबूराम बेलदार, कलपनाथ निषाद, रामजीत प्रजापति, राजेश निषाद, संतराम निषाद, मोहन निषाद, सूरज निषाद, जसवंत निषाद, राजू निषाद, बेचन निषाद, बेलावती निषाद, मेवाती निषाद, सतिया निषाद, सरिता निषाद, कुसुम निषाद, इनरपाती निषाद, चानी निषाद, सोमना निषाद, विमला निषाद, राजपति प्रजापति, इंद्रावती निषाद, गुजराती निषाद, कौशल्या निषाद, राधे निषाद, साधू निषाद, राजू निषाद सहित तमाम लोग शामिल रहे।