संतकबीरनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय में शनिवार को बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलन एवं बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।
बिरसा मुंडा के योगदान पर निबंध प्रतियोगिता में निशा प्रथम, रोशनी द्वितीय एवं संध्या ने तृतीय स्थान हासिल किया। भाषण प्रतियोगिता में अंशिका मिश्रा प्रथम, साधना को द्वितीय एवं अंकिता राय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित काव्य पाठ में संध्या को प्रथम, अंशिका मिश्रा को द्वितीय तथा वंदना मद्धेशिया को तृतीय स्थान मिला। चित्रकला प्रतियोगिता में रोशनी को प्रथम, संगीता को द्वितीय और आकांक्षा काे तृतीय स्थान मिला। जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित करती हुई रंगोली प्रतियोगिता में निशा प्रथम, संध्या द्वितीय और आस्था गुप्ता को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
प्राचार्य प्रो. आशाराम ने कहा कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड में हुआ था। उन्होंने बिरसाइत नामक एक नए धर्म की स्थापना की और आदिवासियों को ब्रिटिश शासन तथा जमींदारी व्यवस्था के उत्पीड़न के खिलाफ जागरूक किया। उनके नेतृत्व में 1899-1900 में उलगुलान (महान विप्लव) विद्रोह हुआ। जिसका उद्देश्य स्वतंत्र मुंडा राज्य की स्थापना करना था। कॉलेज के डॉ रोहित कुमार राय ने बिरसा मुंडा के जीवन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों का भी वर्णन किया। डॉ. संतोष कुमार चंद एवं डॉ प्रीति सिंह ने भी भारतीय सामाजिक व्यवस्था का अध्ययन, जनजाति ज्ञान पद्धति और जनजाति जीवन का सांस्कृतिक पक्ष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान महाविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।