संतकबीरनगर। नवीन सब्जी मंडी परिसर में व्यापारी सुविधाओं का अभाव झेल रहे हैं। यहां की सड़कें बदहाल हैं, तो जल निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं है। परिसर में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है।
दुर्गंध के चलते व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। व्यापारियों को सुविधाएं देने की बात कहकर लाया गया था, लेकिन अब तक व्यापारियों को सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।
जनपद मुख्यालय के सरैया में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 28 पर नवीन मंडी स्थापित है। यहां प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इसके बाद भी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कूड़ा उठाने की बेहतर व्यवस्था न होने से मंडी में दिन भर दुकानें लगाने वाले दुकानदार शाम को खराब सब्जी व फल परिसर में ही फेंक देते हैं, जिसमें सड़न होती है। इससे उठने वाली दुर्गंध से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है।
मंडी के उत्तर तरफ की टूटी दीवार बनवा दी गई है, लेकिन गंदगी से अब भी राहत नहीं मिली है।
नवीन मंडी की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी, तब इस पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च हुए थे। नवीन मंडी बनने के बाद काफी दिनों तक यहां व्यापारी नहीं आए तो प्रशासन ने सुविधाएं बढ़ाने की बात कहकर उन्हें यहां शिफ्ट कराया। यहां पर थोक में फल, सब्जी की थोक बिक्री होती है। बदहाल सड़कों के चलते लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है।