पड़ोसी युवक ने इज्जत की खातिर दोस्त के साथ मिलकर की थी बालक की हत्या
मुख्य आरोपित ने मुंह और नाक दबाकर बालक को मार डाला था
घटना को मोड़ने के लिए आरोपित साथी से पीड़ित पिता को कराया था फोन
पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपित, कट्टा, कारतूस, खोखा और घटना में प्रयुक्त मोबाइल बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। पड़ोसी युवक ने इज्जत की खातिर अपने दोस्त के साथ मिलकर आठ वर्षीय बालक का अपहरण कर गला दबाकर हत्या कर दी थी। खुद के बचाव के लिए अपने दोस्त से बालक के पिता को फोन करा कर घटना में गांव के ही दूसरे युवक की संलिप्तता होने की जानकारी दिलवा दी थी। शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए दोनों आरोपितों ने घटना की सच्चाई उगल दी। आरोपितों के पास से तमंचा, कारतूस, खोखा व घटना में प्रयुक्त दो अदद मोबाइल बरामद हुए।
एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि मेंहदावल क्षेत्र के करमैनी गांव निवासी आठ वर्षीय कृष्णा उर्फ किशन पुत्र चंद्रभान छह अप्रैल की शाम करीब सात बजे घर के दरवाजे पर अपने दो भाइयों के साथ खेल रहा था। उसके दोनों भाई दादी के साथ घर में भोजन करने चले गए। उसी दौरान कृष्णा लापता हो गया। परिजनों ने पहले लापता कृष्णा की तलाश की, जब कोई पता नहीं चला तो रात में मेंहदावल थाने पहुंचकर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया। इधर, पुलिस लापता बालक की तलाश में जुटी थी। 12 अप्रैल को अज्ञात व्यक्ति ने पीड़ित पिता चंद्रभान को फोन करके घटना के संबंध में गांव के कौशलेंद्र उर्फ लंगड़ा की संलिप्तता होने की जानकारी दी। अज्ञात व्यक्ति के जरिए पीड़ित पिता की हुई बातचीत का ऑडियो पुलिस को मिला तो वहीं से पुलिस का शक गहरा गया। इधर, बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने पीड़ित के घर से 800 मीटर दूरी पर गेहूं के खेत में बालक का टुकडों में बंटा कंकाल देखा। मौके पर पड़ी शर्ट के आधार पर पीड़ित पिता ने शव की शिनाख्त अपने बेटे कृष्णा के रूप में की। पुलिस की विवेचना से घटना में संलिप्त महराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र के सेमराडाड़ी निवासी दयानंद का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने शुक्रवार को करमैनी से आरोपित दयानंद को गिरफ्तार किया। बाद में करमैनी-बेलौली बंधे पर हुई मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपित करमैनी निवासी उपेंद्र साहनी गिरफ्तार हुआ। इस दौरान आरोपित उपेंद्र ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की, लेकिन पुलिस टीम ने खुद का बचाव किया। पकड़े गए आरोपित के पास से 12 बोर का कट्टा, कारतूस, खोखा और घटना में प्रयुक्त दो अदद मोबाइल बरामद हुआ। पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपित डीजे बजाने का काम करते हैं। दोनों गहरे दोस्त हैं। पूछताछ में करमैनी निवासी आरोपित उपेंद्र साहनी ने बताया कि मृतक के पिता चंद्रभान उसके घर के बारे में गांव में अफवाह फैलाकर अपमानित किए थे। घर की काफी बेइज्जती होने के कारण वह आहत था। इज्जत के खातिर उसने चंद्रभान को सबक सिखाने के लिए उसके बेटे कृष्णा को खत्म करने की योजना बनाई। इसमें साथी दयानंद को शामिल किया। छह अप्रैल को दयानंद करमैनी बंधे पर रुक गया। जबकि उपेंद्र गांव मेें गया और आठ वर्षीय बालक कृष्णा को लेकर पहुंचा। दोनों आरोपित बालक को सागौन के बगीचे के पास गेहूं के खेत में ले गए, जहां उपेंद्र साहनी ने बालक का मुंह और नाक दबाकर मार डाला। उसके बाद दोनों आरोपित गेहूं के खेत में ही बालक के शव को छोड़कर उपेंद्र के घर पहुंच गए। रात में दोबारा घटना स्थल पर पहुंच कर कम गहराई में गड्ढा खोद कर शव को दबा दिए। उसके बाद वहां से अपने घर चले गए। खुद के बचाव के लिए मुख्य आरोपित उपेंद्र ने अपने साथी दयानंद से पीड़ित पिता चंद्रभान के मोबाइल पर फोन कराया। इसमें गांव के कौशलेंद्र उर्फ लंगड़ा की घटना में संलिप्तता होने की गलत जानकारी दिलवा दी। पकड़े गए दोनों आरोपित उपेंद्र साहनी और दयानंद पर कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
आईजी ने पुलिस टीम को दिया 50 हजार रुपये का इनाम
एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि 24 घंटे के भीतर घटना का अनावरण करने वाली पुलिस टीम को आईजी बस्ती राजेश मोदक ने 50 हजार रुपये का इनाम दिया है। घटना अनावरण करने वाली पुलिस टीम में एसओ मेंहदावल जयवर्धन सिंह, एसओजी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, एसआई राजेश कुमार दूबे, एसआई प्रवीण कुमार, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल संजीव यादव, कांस्टेबल धर्मेंद्र यादव, हेडकांस्टेबल विनोद यादव, कांस्टेबल ऋषिवेद तिवारी, कांस्टेबल अभिषेक सिंह, कांस्टेबल रमेश यादव शामिल रहे।