फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

... जो टूटे दिल को जोड़े ऐसा जादू आम हो जाए

विज्ञापन
न्तर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के अवसर पर सेमरियावां के चोरहा में कवि संगोष्ठी के अवसर पर अतिथि क? - फोटो : KHALILABAD
विज्ञापन
... जो टूटे दिल को जोड़े ऐसा जादू आम हो जाए
विज्ञापन

- अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस पर कवि संगोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के अवसर पर सेमरियावां के हबीब जूनियर हाई स्कूल चोरहा में कवि गोष्ठी/ मुशायरा आयोजित किया गया। इस दौरान शायरों को सम्मानित भी किया गया।
विज्ञापन

हफीजुर्रहमान ने कुरान पढ़कर गोष्ठी की शुरूआत की। उसके बाद नात ए पाक पढ़ा गया। मुजीब बस्तवी के शेर, ‘मादरे हिंदुस्तान की मांग में सिंदूर है, दिल से गमहाए गुलामी आज कोसों दूर है’ और प्रख्यात शायर मो. असाद के शेर ‘फिजा जिस से मोअत्तर हो वह खुशबू आम आम हो जाए, जो टूटे दिल को जोड़े ऐसा जादू आम हो जाए’ पर खूब ताली बजी। गुफरान शकील नदवी ने ‘जमाले गुंबदे खजरा सुना था जिस कदर हम ने, पहुंच कर उस जगह उस से फजू तर देख लेते हैं’ सुनाकर वाहवाही लूटी। हलीम मेंहदवली के शेर ‘बहुत बुरा यह अमल है यारो, किसी की इज्जत उछाल देना’ को भी सराहा गया। गोष्ठी का आयोजन जसीम अहमद व अध्यक्षता मुजीब बस्तवी ने की। संचालन मुहम्मद सलमान आरिफ नदवी ने किया। इस दौरान असअद बस्तवी, अलकमा हुसैन, मुहम्मद अरमान, मुहम्मद अरशद, मुहम्मद तनवीर, मुहम्मद तलहा, सुहैल अहमद, मुहम्मद हस्सान, मुहम्मद हाशिम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें