संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर की सड़कों से लेकर चौराहों और प्रमुख मार्गों तक अवैध होर्डिंग का जाल फैला हुआ है। कहीं लोहे के पाइप तो कहीं बांस-बल्लियों के सहारे सड़क किनारे प्रचार सामग्री लगा दी गई है। इस क्रम में धंधेबाजाें ने शहीद स्थलों को भी नहीं छोड़ा है।
शहर में चौराहों पर लगे महापुरुषों की प्रतिमाओं की रेलिंग पर भी होर्डिंग लगा दिए गए हैं। इससे उनकी प्रतिमाएं ढकी हुई हैं। इससे उसकी सुंदरता पर भी ग्रहण लग गया है। दूसरी तरफ यातायात पर भी असर पड़ रहा है।
इतने पर भी अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है और ये नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। शहर का शायद ही कोई ऐसा इलाका है जहां ये होर्डिंग न लगे हों। यहां तक कि महापुरुषों की प्रतिमाओं को होर्डिंग से ढक दिया गया है। इनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है। इतना ही नहीं इसकी आड़ में लोग अपनी दुकानें सजाते हैं, जिससे पटरियों पर कब्जा हो जाता है और लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
शहर के आजाद चौक पर लगे चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा, मुखलिसपुर तिराहे पर पूर्व पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा, बैंक चौराहा डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगी हुई है। वहां उसकी रेलिंग पर होर्डिंग लगा दिए गए हैं। इससे एक तरफ से आने वाले लोगों को प्रतिमा नहीं दिखाई देती है। इसी तरह से शहर में लगे अवैध होर्डिंग विद्युत आपूर्ति में भी बाधा बन रहे हैं।
आंधी और बारिश के समय जगह-जगह लगे होर्डिंग हवा के दबाव में फट जाते हैं। इसके उसके चादर ढांचे से उखड़कर किसी न किसी बिजली के तार तक पहुंचती है और बिजली आपूर्ति को बाधित करते हैं। इसके कारण उस क्षेत्र की बिजली घंटों बाधित रहती है। बिजली के पोल को भी लोगों ने होर्डिंग से पाट दिया है।
शहर निवासी चंद्रशेखर मिश्र, बजरंगी लाल विश्वकर्मा, जय प्रकाश आदि ने बताया कि महापुरुषों की प्रतिमाओं के पास लगे होर्डिंग को हटाया जाना चाहिए। इससे चौराहे की खूबसूरती खराब हो रही है। सामने से आने वाले वाहन भी नहीं दिखते हैं।