संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने आपराधिक साजिश कर बालक की हत्या करते हुए लाश को छिपाने के मामले में आरोपी बनाई गई मां कविता और फूफा राकेश को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
कविता पासवान निवासी शंकरपुर थाना धनघटा ने थाना धनघटा में प्रार्थना पत्र दिया कि 11 नवंबर 2018 को समय करीब सवा ग्यारह बजे उसका लड़का आदर्श (6) को लेकर गांव का एक व्यक्ति पौली गया। शाम चार बजे लड़के की लाश पथरा गांव के डिहवा के पास कुआनो नदी के किनारे झाड़ी में मिली।
थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। विवेचना में साक्ष्य के आधार पर मामले में मृतक बालक के फूफा राकेश की संलिप्तता पाए जाने और बयान के आधार पर मृतक बालक की मां कविता को भी षडयंत्र शामिल होने का केस दर्ज किया। विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट में आरोपी मां और फूफा ने आरोप से इन्कार किया और विचारण की मांग की।
कोर्ट में पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप को साबित करने में असफल रहा। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने आपराधिक साजिश रच कर बालक की हत्या कर लाश को छिपाने के मामले में आरोपी मां कविता और फूफा राकेश निवासी शंकरपुर थाना धनघटा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।