पचदेउरा गांव निवासी मारूफ अहमद की विवाहिता बेटी फिरदौस अपने तीनों बेटों अरकम पांच (5 साल), अरहम (3 साल) और एक 15 दिन के नवजात बेटे के साथ घर से 100 मीटर दूर सीवान में गई। जहां पर कुंए में कूद गई। वहां पर बकरी चरा रही एक महिला ने इसे देखा तो चिल्लाई। जिसके बाद आस पास के लोग पहुंच गए। इसके बाद दो युवक कुंए में उतरे और आधे घंट की मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला।
इस दौरान आस पास लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुंए में कूदने से 15 दिन के नवजात की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि बेटा अरकम, अरहम व मां फिरदौस को लोग लेकर सीएचसी सेमरियावां ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने अरहम को मृत घोषित कर दिया। जबकि मां फिरदौस व एक बेटा को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन परिजन दोनों को लेकर कैली अस्पताल बस्ती चले गए। इलाज के दौरान मां फिरदौस की कैली अस्पताल में मौत हो गई। जबकि कैली अस्पताल के डॉक्टरों ने अरकम को लखनऊ रेफर कर दिया।
लखनऊ में अरकम का इलाज चल रहा है। परिजन शवों को पोस्टमार्टम न कराने के लिए अड़े रहे। काफी देर रात पुलिस से पीएम न कराने की गुहार लगाई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी सत्यजीत गुप्त ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। जिसका इलाज गोरखपुर चल रहा है। गाव वालों और परिवार वालों को आशंका है कि इसी वजह से वह कुंए में कूद गई।