चकबंदी कराए जाने की मांग को लेकर रामजंगला में किसान हाथ उठाकर समर्थन करते हुए-संवाद
धनघटा। क्षेत्र के रामजंगला में चकबंदी कराए जाने के पक्ष में शनिवार को बड़ी संख्या में किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। 234 लोग जहां चकबंदी कराए जाने के समर्थन में थे तो वहीं 34 लोग चकबंदी न कराए जाने का समर्थन किए।
चकबंदी विभाग के सीओ केके दुबे ने बताया कि रामजंगला गांव में चकबंदी प्रक्रिया प्रस्तावित है। वहां पर चकबंदी का काम शुरू होने वाला था कि कुछ किसानों ने चकबंदी आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि यहां के किसान चकबंदी नहीं चाहते हैं। चकबंदी आयुक्त ने रामजंगला में जाकर किसानों की मंशा जानने के निर्देश दिए। सीओ ने बताया कि 234 किसानों ने चकबंदी कराए जाने की सहमति दी और मात्र 34 लोगों ने ही इसके विरोध में मत दिया।
इस मौके पर मौजूद किसानों का कहना था कि यहां की जमीन कई सिवान में विभाजित है। जगह-जगह छोटा-बड़ा चक होने के कारण जुताई, बुआई और सिंचाई में काफी परेशानी होती है। एक सिवान में एक जगह चक हो जाने से खेती का काम आसान हो जाएगा। कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो बड़ी संख्या में किसान आक्रोशित हो गए। शोर शराबा होने लगा। अधिकारियों ने किसानों को समझा बुझाकर शांत किया। चकबंदी सीओ ने बताया कि किसानों की मंशा की जानकारी हो गई है। उनसे हस्ताक्षर भी करवा लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट चकबंदी आयुक्त को भेज दी जाएगी। उसके बाद जल्द ही यहां पर चकबंदी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।