-चुनवा 177 ग्राम पंचायतों में ठप है मनरेगा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में 177 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप होने से मजदूर काम की तलाश में गांव से बाहर जा रहे हैं। विभाग के मुताबिक कर्मचारियों के चुनावी ड्यूटी के कारण कुछ ग्राम पंचायतों में काम ठप है।
बेलहर कला, हैंसरबाजार, खलीलाबाद, मेंहदावल, नाथनगर समेत नौ विकस खण्ड में कुल 730 ग्राम पंचायतों में 553 ग्राम पंचायतों में ही मनरेगा का काम चल रहा है। यहां मनरेगा जाब कार्डधारकों को काम भी मिल रहा है। लेकिन 177 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप है। जिससे इन ग्राम पंचायतों के मनरेगा जाब कार्डधारक काम की तलास में गांव छोड़ने को मजबूर हैं। बघौली में 42, बेलहर कला में 17, हैंसर बाजार में 15, खलीलाबाद में 22, मेंहदावल में 23, नाथनगर में 4, पौली में 16, सांथा में 25 और सेमरियावां में 13, ग्राम पंचायतों में काम नहीं चल रहा है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का उद्देश्य गांवों में महिलाओं और पुरूषों को मांगने पर काम दिलाना है। जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक विकास हो सके। जनपद में कुल 730 जाब कार्डधारक मजदूर हैं। इनमें से केवल 553 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम चल रहा है और 177 ग्राम पंचायतों में काम ठप है। जिससे मनरेगा मजदूर गांव से बाहर काम की तलाश में जाने को मजबूर हैं।
मनरेगा जाब कार्ड धारकों को गांव में ही काम दिलाना मनरेगा का उद्देश्य है। चुनावी ड्यूटी के कारण कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप है। मनरेगा जाब कार्डधारक की काम न मिलने की शिकायत मिलने पर उन्हें काम दिया जाएगा।
- प्रभात कुमार द्विवेदी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार