मस्टरोल के अनुपात में नहीं लगाए जा रहे मजदूर, 40 की जगह 14 काम कर रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मनरेगा के कार्यों में फर्जीवाड़ा पर रोक लगाने के लिए सख्त रुख अख्तियार किया है। जिन ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं, वहां पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भेज कर जांच कराई। कई जगहों पर जांच में शिकायत पाई गई रिपोर्ट डीएम को दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिए। कहीं कहीं पर कार्रवाई हुई भी लेकिन इसके बावजूद मस्टरोल के अनुपात में मजदूर नहीं लगाए जा रहे हैं।
विकास खंड हैंसर बाजार के बेलमा, भैंसाखुट, ददरवार, डेबरी, डुहिया कला, जिगिना, खाजो, मदरा, मुण्डेरा राय, नटवाबर, प्रजापतिपुर, सेमरी में बृहस्पतिवार को कुल 610 मजदूर लगाए गए थे। लेकिन ग्रामीण रामभरोस, राम सजीवन, चंदू, अक्षैबर, केदारनाथ, रामकिशुन आदि का कहना है की जिस ग्राम में 40- 40 जॉब कार्ड धारकों का मस्टरोल चल रहा है। उस ग्राम में 14 से 15 मजदूर काम कर रहे हैं। ब्लॉक का कोई अधिकारी कर्मचारी मौके पर आकर देखने वाला नहीं है। जिसका फायदा लोग उठा रहे हैं। गांववालों का कहना है कि ब्लॉक के जिम्मेदार यदि प्रतिदिन मौके पर पहुंचकर मजदूरों का वास्तविक संख्या लेकर उनका हाजिरी लगवाने का काम करें तो मनरेगा में फर्जीवाड़ा करना छोड़ देंगे और वास्तविक मजदूरों को रोजगार मिलना शुरू हो जाएगा।
सभी ग्राम पंचायत अधिकारी और तकनीकी सहायक को मौके पर पहुंचकर देखभाल करने का आदेश दिया गया है। अगर कोई अधिकारी कर्मचारी अपने कार्य में लापरवाही बरतेगा तो उसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- आरके पांडेय, बीडीओ