मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम : एक-दूजे के हुए 227 जोड़े
- जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिया नवदंपति जोड़ों को आशीर्वाद
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को जनपद मुख्यालय स्थित एक मैरिज हॉल में हुआ। जिसमें 227 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। इसमें 199 जोड़े हिंदू व 28 जोड़े मुस्लिम हैं।
सांसद प्रवीण निषाद ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे गरीब परिवारों के बेटे-बेटियों की शादी करवाना है, जो शादी का खर्च स्वयं नही उठा सकते। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गरीब बेटियों की शादी के लिए बेहद महत्वपूर्ण योजना संचालित की है। निश्चित तौर पर गरीब परिवारों का इसका लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम में अफसरों ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल सभी घरातियों, बरातियों एवं उनके संबंधियों का स्वागत किया। जलपान और भोजन की भी व्यवस्था थी। विवाह के बाद नव दंपतियों को डीडीओ सुदामा प्रसाद, टीओ जेएन झा, तहसीलदार सदर शेख आलमगीर, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार आदि ने आशीर्वाद दिया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जनपद के कुल 227 जोड़ो का विवाह संपन्न हुआ। जिसमें 199 जोड़ों का हिंदू धर्म के अनुसार विवाह कराया गया। वहीं 28 जोड़ों का मुस्लिम धर्म की परंपरा के अनुसार निकाह हुआ। सभी नवदंपतियों को उपहार स्वरूप युवती के खाते में 35,000 रुपये की धनराशि भेजी जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक नवदंपतियों को दस हजार रुपये कीमत में ट्रॉली बैग, कपड़ा, जेवर और बर्तन आदि दिया गया। इसके अलावा वन विभाग के जरिए एक-एक आम का पौधा दिया गया। कार्यक्रम में लेखाकार दुर्गेश मिश्रा, बैजनाथ, अतीक अहमद, प्रमोद पांडेय, हनुमंत आदि का सहयोग रहा।
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सामान्य वर्ग के सिर्फ तीन जोड़े शादी के बंधन में बंधे
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामान्य वर्ग के सिर्फ तीन जोड़े शादी के बंधन में बंध पाए। जबकि अल्पसंख्यक वर्ग के 28, पिछड़ा वर्ग के 71 और अनुसूचित जाति के 125 जोड़ों का विवाह संपंन हुआ। यह आंकड़े दशार्ते हैं कि सामान्य वर्ग के लोग सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। वे अपने ढंग से ही बेटियों की शादी करने के पक्ष में है।
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दिल्ली से आई बरात, विवाह के बाद लड़की को ले गई साथ
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक जोड़े की शादी ऐसी भी हुई, जिसकी बरात दिल्ली से आई थी। सामूहिक विवाह में दोनों की शादी संपंन हुई। जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि बेलहर क्षेत्र के रतनापार गांव की रहने वाली दिव्यांशी पुत्री रामजनत की शादी दिल्ली के उद्यमसिंह पार्क वजीरपुर इंडस्ट्रीयल एरिया दिल्ली के निवासी गौतम पुत्र हीरालाल के साथ तय हुई थी। वर पक्ष के लोग दिल्ली से बरात लेकर आए थे। सामूहिक विवाह में धूमधाम से दोनों की शादी हुई।
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नेपाल के दूल्हे ने कसया की दुल्हन से किया निकाह
कार्यक्रम में नेपाल से दूल्हा आया था। जबकि दुल्हन सांथा क्षेत्र के कसया गांव की रहने वाली थी। जिला समाज कल्याण अधिकरी महेंद्र कुमार ने बताया कि सांथा क्षेत्र के कसया गांव की रहने वाली राफिया खातून पुत्री हयतुल्लाह की शादी नेपाल के निवासी सलाहुद्दीन पुत्र यूनुस के साथ तय हुई थी। दूल्हा सलाहुद्दीन नेपाल से आए थे। मौलवी ने दोनों का निकाह संपंन कराया।