संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 25 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी दी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा कर्मियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री मांगपत्र डीएम व सीएमओ को सौंपा। इस दौरान एनएचएम कर्मचारियों व आशा बहुओं की लंबित मांगों का निस्तारण किए जाने की मांग की।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अभय त्रिपाठी ने कहा कि संविदा कर्मचारियों व आशा बहुओं ने पिछले दो वर्षों से कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी में जान जोखिम में डालकर कार्य किया और टीकाकरण में अभूतपूर्व लक्ष्य प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद एनएचएम कर्मियों व आशा बहुओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसकी वजह से आंदोलन की राह पर जाने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों का विनियमितीकरण व समायोजन किया जाए और असृजित पदों का विभाग में सृजन किया जाए। वेतन पॉलिसी बनाने एवं वेतन विसंगति दूर करने, सातवें वेतन आयोग का लाभ व जॉब सिक्योरिटी देने, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण, आउटसोर्स नीति, कर्मचारियों के लिए आयुष्मान भारत का लाभ व बीमा पॉलिसी और आशा बहुओं को नियत मानदेय की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो 25 नवंबर से विभिन्न स्वरूपों में आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में संघ के महामंत्री दीनदयाल वर्मा, सुरजीत सिंह, अशोक यादव, रविकांत भारती, राजेश पांडेय, संगीता कुमारी, सुमन शुक्ला, शशि भूषण वर्मा, सुभाष आदि मौजूद रहे।