कोतवाल सर्वेश राय ने सिकरीगंज पुलिस की मदद से सिकरीगंज क्षेत्र के सतौरा से अपहृत हंसराज को मुक्त कराया और तीन अपहरणकर्ताओं को मौके से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान लक्ष्मीकांत सिंह उर्फ अजय सिंह निवासी परमेठ थाना करंडा जनपद गाजीपुर, वासुदेव तिवारी निवासी सतौरा सिकरीगंज गोरखपुर, सत्यराज सोनकर निवासी मोहद्दीपुर गोल्फ कॉलोनी थाना कैंट गोरखपुर के रुप में हुई। जबकि आरोपियों के बताने पर घटना में शामिल चौथे आरोपी नेपाल सिंह निवासी मोतीपुरा थाना चितावा जनपद नागौर, राजस्थान को बुधवार को सहजनवां से गिरफ्तार किया।
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पकड़े गए आरोपियों के पास से गुप्ती (कवरयुक्त चाकू), रस्सी, दो अदद चाकू, दो अदद बैग, चार अदद मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड, 4050 रुपये नकदी बरामद हुआ। एसपी के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने घटना में शामिल एक और साथी गोरखपुर निवासी विवेक का नाम बताया।
पूछताछ में पता चला कि लक्ष्मीकांत सिंह उर्फ अजय सिंह गोरखपुर में फल मंडी के पास होटल चलाते है और जमीन की खरीद फरोख्त का काम करते है। वासुदेव तिवारी इन्हीं के होटल पर कार्य करते है। लक्ष्मी कांत सिंह का परिचय नेपाल सिंह से है। नेपाल सिंह पहले से अपहृत हंसराज बावल को जानते है। नेपाल सिंह ने ही लक्ष्मीकांत सिंह को हंजराज बावल का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया।
साजिश के तहत नेपाल सिंह के बताने के अनुसार सुबह नए मोबाइल नंबर से लक्ष्मीकांत ने मार्बल व्यापारी हंसराज को फोन करके नौसढ़ गोरखपुर बुलाया और वहीं से कार में बैठा कर लोग व्यापारी को टाइल्स लगवाने के बहाने वासुदेव तिवारी के घर सतौरा ले गए। वासुदेव तिवारी के घर पर गांव में कोई नहीं रहता। सभी लोग शहर में रहते है।
इसी का फायदा उठाकर लोग कमरे में बंदकर डरा धमकाकर मार्बल व्यापारी से पैसे की मांग किए। मांग पर हंसराज ने अपने साथी से लक्ष्मीकांत के खाते में 60 हजार रुपये भिजवाया है। पकड़े गए चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जबकि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। एसपी ने घटना अनावरण करने वाली पुलिस टीम को 10,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा किया।