मेंहदावल। नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित मां नगर वाली कि प्रति भक्तों की अगाध श्रद्धा है। मान्यता है कि मां के दरबार में आने वाले भक्त कभी खाली हाथ नहीं जाते हैं। हर मंगलवार को यहां भक्तों की भीड़ रहती है। वहीं, नवरात्र में बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ लगती है।
मेंहदावल नगर पंचायत कार्यालय के समीप स्थित मां नगरवाली मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेंहदावल के नामकरण का इतिहास इसी मंदिर से जुड़ा है। गुरु गोरक्षनाथ के परम शिष्य महायोगी महेंद्र नाथ अपनी नेपाल यात्रा के दौरान यहां से गुजरे थे। आज जहां मंदिर है, वहां लगभग दो सौ वर्ष पूर्व घना जंगल था। महायोगी यहां विश्राम के लिए रुके थे। उसी दौरान उनको माता ने दर्शन दिए थे। वहां महायोगी ने माता के मंदिर की स्थापना की थी। आज भी माता नगरवाली का पिंड यहीं विद्यमान है। मंदिर के पुजारी रघुपति त्रिपाठी ने बताया कि महायोगी महेंद्र नाथ के नाम से मेंहदावल का नामकरण भी हुआ था। श्रद्धालुओं के सहयोग से वर्तमान समय में भव्य मंदिर तैयार है। इस मंदिर की विशेषता है कि यहां मांगी गई मुराद पूरी होती है।