रोपी लेखपाल अश्वनी कुमार मिश्रा पुलिस हिरासत में।
गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण शाखा ने मंगलवार को मेंहदावल तहसील गेट के पास लेखपाल को 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। लेखपाल पर जमीन के बंटवारे की फाइल पर रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। आरोपी लेखपाल के खिलाफ बखिरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उसे निलंबित कर दिया गया है।
गोरखपुर के सहजनवां क्षेत्र के तिवरान गांव निवासी शैलेष कुमार ने बताया कि उन्होंने मेंहदावल तहसील क्षेत्र के राजेडीहा के चौरही गांव में जमीन का बैनामा कराया था। इसमें कुछ लोग अपना भी दावा कर रहे थे। इस संबंध में दिसंबर 2022 में एसडीएम मेंहदावल से मिलकर वार्ता की थी। एसडीएम ने लेखपाल अश्वनी मिश्रा को रिपोर्ट लगाने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने के लिए एक लाख रुपये मांग की। बाद में 50,000 रुपये में तैयार हो गया था।
एंटी करप्शन गोरखपुर कार्यालय के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित ने बताया कि शैलेष ने चार दिन पहले लेखपाल की शिकायत की थी। मंगलवार को उनकी अगुवाई में टीम ने मेंहदावल तहसील गेट के पास राम नरायन की चाय की दुकान से आरोपी लेखपाल अश्वनी मिश्रा को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ हुए लिया। बरामद हुए रुपयों में 2000 के 25 नोट हैं। बखिरा थाने के एसओ श्याम मोहन ने बताया कि आरोपी लेखपाल अश्वनी मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
एक वर्ष पहले भी हुआ था निलंबित
एसडीएम योगेश्वर सिंह ने बताया कि मेंहदावल तहसील में कार्यरत लेखपाल अश्वनी मिश्र को एक वर्ष पहले भी रिश्वत लेने के एक मामले में निलंबित किया गया था। आरोपी लेखपाल पर इससे पूर्व भी कई प्रकार के आरोप लग चुके हैं। इस मामले में भी आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।