धनघटा। तहसील में उपनिबंधक कार्यालय के भवन निर्माण को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। 22 दिनों से जारी धरना प्रदर्शन से तहसील की न्यायिक व्यवस्था लड़खड़ा गई है। बुधवार को जारी धरना प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद भी विवादित भूमि पर भवन का निर्माण किया जाना जिम्मेदार अधिकारियों की पोल खोल रहा है।
विरोध प्रदर्शन के 22वें दिन अधिवक्ताओं में आक्रोश दिखा। बार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव व वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने कहा कि गागरगाड़ में दान में दी गई विवादित जमीन पर न्यायालय के स्थगन के आदेश के बावजूद उपनिबंधक कार्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर तुले हुए हैं। बताया कि जब तहसील की जमीन खाली पड़ी है तो विवादित भूमि पर भवन निर्माण क्यों कराया जा रहा है।
कहा कि अधिवक्ताओं का आंदोलन तब तक चलेगा जब तक भवन का निर्माण तहसील की भूमि पर शुरू नही किया जाता। जिम्मेदार अधिकारियों की शह पर चल रहे भवन निर्माण का खेल जल्द समाप्त होगा। इसमें स्वार्थी तत्वों का चेहरा बेनकाब होने में अब ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि विवादित जमीन पर गैर कानूनी ढंग से कराए जा रहे भवन निर्माण के लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार है। कहा कि अधिवक्ताओं का यह आंदोलन जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर छेड़ा गया है। धरना प्रदर्शन को शीघ्र सफलता मिलेगी। यदि शासन प्रशासन गंभीर नहीं हुआ तो अधिवक्ता कानून की रक्षा के लिए स्वयं भवन निर्माण रोकने के लिए मजबूर होंगे।
इस अवसर पर राधेश्याम मौर्य, प्रेम नरायन मिश्र, चन्द्रभान पांडेय, योगेश श्रीवास्तव, रविशंकर पांडेय, सुरेंद्र सिंह, शांता श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।