धनघटा। ग्राम पंचायतों की सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने तहसील प्रशासन नाकाम है। जमीन न होने के कारण 15 ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) का निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है।
ग्राम समाज की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा हटाए जाने के लिए तहसील प्रशासन भले ही समय-समय पर अभियान चलाने का दावा करता हो। लेकिन प्रशासनिक दावे की हकीकत को गांव के लोग बयां कर रहे हैं। ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस और समाधान दिवस में छायी रहती है। लेकिन इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
नतीजा है कि गांव के विकास के लिए सरकार के जरिये संचालित की जाने वाली योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। विकास खंड हैंसर बाजार के मुंडेरा शुक्ल, डेबरी, उमरिया बाजार, गाईबसतपुर, कटार मिश्र, कर्मा समेत 15 ग्राम पंचायतों में जमीन न मिलने के कारण आरआरसी सेंटर का निर्माण कार्य का ठप पड़ा है। हालांकि ग्राम प्रधान श्रवण कुमार यादव, आशा देवी आदि का कहना है कि ग्राम पंचायत में सरकारी जमीन की कमी नहीं है। लेकिन उस पर लोग अवैध रूप से कब्जा कर रखे हैं। जमीन को कब्जा मुक्त कराने और सरकारी परियोजना का निर्माण कार्य कराने के लिए तहसील से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया। लेकिन अधिकारी खामोश बैठे हुए हैं और सरकारी कार्य ठप पड़ा हुआ है।
इस संबंध में बीडीओ आरपी पांडेय का कहना है कि जिन ग्राम पंचायत में आरआरसी सेंटर का निर्माण कार्य जमीन न मिलने के कारण रुका है। वहां पर जमीन का बंदोबस्त कराने के लिए राजस्व विभाग को पत्र लिखा गया है।