संतकबीरनगर। जिले के तीनों तहसीलों में कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट (सीबीजी) की स्थापना होनी थी। इसके लिए तीनों तहसीलों में जमीन चिह्नित हो गई थी।
मार्च माह में इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है। इससे योजना अधर में लटक गई है। सीबीजी प्लांट बनने से आसपास के लोगों को जहां वाहनों में ईंधन भराने में सहूलियत होगी वहीं रोजगार उपलब्ध होने की भी उम्मीद है। तीनों परियोजनाओं पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
मेंहदावल तहसील में जैव ऊर्जा नीति के तहत बायो सीएनजी कंप्रेस्ड प्लांट की स्थापना के लिए अमरहा में जमीन चिह्नित की गई है। वहीं धनघटा क्षेत्र के बगही और खलीलाबाद के परजूडीह में जमीन तलाशी गई है। इसके अलावा मार्च में प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।
मेंहदावल में 10 टन क्षमता के सीबीजी प्लांट के लिए 10 एकड़ भूमि और खलीलाबाद व धनघटा में 20-25 टन प्रति दिवस क्षमता के सीबीजी प्लांट के लिए वर्तमान में 23.779 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। साथ ही संयंत्र स्थापना एवं संचालन के लिए आवश्यक भूमि के अतिरिक्त अन्य शेष भूमि पर निराश्रित गोवंश के लिए आश्रय स्थल एवं चारागाह बनाया जाना है।