कर्री गांव में जले हुए घर छाया जा रहा।
हरिहरपुर। महुली थानाक्षेत्र के कर्री गांव में होली के अवसर पर डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद के विवाद में घायल व्यक्ति की मौत के बाद गांव में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। गांव में शांति बनी हुई है। वहीं पीड़ित अपने जले आशियने को संवारने में जुटे हैं और सरकारी सहायता से मिले राशन पर गुजारा कर रहे हैं।
होली के बाद से ही राजनीति का अखाड़ा बन चुके कर्री गांव में सोमवार को सन्नाटा पसरा हुआ था। मृत संतराम राजभर के घर पर महिलाओं भीड़ रही और रिश्तेदारों का आनाजाना लगा रहा। भाई सुरेन्द्र राजभर गमगीन अवस्था में घूम रहे हैं। वह बताते हैं कि भाई की मौत के बाद परिवार के लोगों पर काफी संकट आ गया है। संतराम भैया के तीन बेटा व एक बेटी है। अनाज-भूसा आदि जल गया है, काफी परेशानी हो रही है। थोड़ी दूरी पर घर बना रहे ब्रह्मानन्द बताते हैं कि कोई मदद नहीं मिली किसी तरह खर पतवार इकट्ठा करके छप्पर बना रहे हैं । शासन से थोड़ा बहुत इंतजाम हुआ है, वह काफी नहीं है। कैलाश राजभर ने बताया कि आग में भूसा और चारपाई जलकर राख हो गया। बिस्तर भी जल गया, अब मिल भी बंद होने वाली है गन्ने की कटाई बंद हो जाने से जानवरों को चारा भी नहीं मिल पाएगा।
पुष्पा देवी कहती हैं कि प्रशासन ने अभी तक कोई मदद नहीं दी है। घटना में गांव के लोगों का भूसा जल गया है। इसके चलते पशुओं को खाने के लिए भूसे की समस्या बढ़ गई है। वहीं सुहेल देव पार्टी ने लोगों के लोगों ने तिरपाल के साथ ही छप्पर के लिए लकड़ियां भी मंगवाई। संवाद