- कबीर चौरा के पुजारी पर महिला संत के लगाए आरोपों का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर (संतकबीरनगर)। मगहर स्थित कबीर की समाधि स्थली के पुजारी पर एक महिला संत द्वारा विवाह करके साथ न रखने और चार माह का गर्भ गिरवाने के आरोप के बाद कबीर चौरा के सभी पुजारी स्तब्ध हैं। वे चिंतित हैं कि इस तरह की घटनाओं से कबीर स्थली की पवित्रता को ठेस पहुंचेगी। हालांकि आरोपी पुजारी इस पूरे मामले को साजिश करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि कबीर मठ में वर्चस्व कायम करने की लड़ाई में यह सारा खेल हो रहा है।
केस वापस कराने के लिए रची जा रही साजिश
महिला के आरोप लगाए जाने के बाद मठ से निकाले गए समाधि के पुजारी ने सोमवार को फोन पर बातचीत में अपना पक्ष रखा। आरोपी पुजारी का कहना है कि मठ पर वर्चस्व को लेकर अक्सर विवाद होता रहता है। इसी क्रम में पिछले साल नवंबर में खुद को बनारस के मूल गादी का पुजारी बताने वाला एक संत यहां आया। उसने उन्हें मठ छोड़कर चले जाने को कहा। धमकी भी दी कि मठ नहीं छोड़ने पर जान से मार देंगे। एक दिन उसने अपने कुछ साथियों के साथ कबीर समाधि परिसर में उनके साथ मारपीट भी की। उस मामले में मूल गादी के पुजारी व उसके साथियों पर एससी-एसटी का केस भी दर्ज किया गया है, जो अभी लंबित है। महिला के साथ गलत हरकत के आरोपों से घिरे पुजारी का कहना है कि संभवत: उसी मुकदमे के बदले उन्हें फंसाने के लिए यह सब किया जा रहा है, जिसमें महिला को मोहरा बनाया गया है।
आरोपी पुजारी ने महिला के आरोपों को एक बार फिर नकार दिया। पुजारी ने कहा कि महिला का कहना है कि करीब 15 साल पहले मगहर आने के दौरान उसकी उनके साथ मुलाकात हुई और शादी हुई, पर वह तो 12 साल पहले ही मगहर आए हैं। तो यह कैसे हो सकता है। उन्होंने साफ कहा कि उनका उस महिला से कोई लेना देना नही है। उसके लगाए सारे आरोप बेबुनियाद हैं।
गौरतलब हो कि बीते शनिवार को एक साध्वी ने मठ में रह रहे समाधि के पुजारी पर उसका पति होने का आरोप लगाते हुए कबीर चौरा परिसर से लेकर रेलवे स्टेशन तक हंगामा खड़ा कर दिया था। मामला सामने आने के बाद कबीर मठ के महंत विचार दास ने आरोपी पुजारी और महिला संत को मठ से बाहर निकाल दिया है। वहीं कबीर चौरा में रह रहे संतों का कहना है कि मामला पेचीदा है। इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने इसमें साजिश होने की आशंका से इनकार नहीं किया।
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मामले की जांच हो, तभी सच आएगा सामने
मगहर। मठ के संत अरविंद दास शास्त्री ने बताया कि यहां कबीर साहेब की समाधि व मजार होने की वजह से तमाम कबीर पंथी साधु व अनुयायी आते रहते हैं। इसी क्रम में उक्त महिला भी लगभग 20 दिन पहले आई थी। यहां रहकर साफ-सफाई करती रही। दो-चार दिन बाद उससे कहा गया कि यहां महिलाओं के रुकने की कोई जगह नहीं है। चली जाओ, लेकिन वह आज-कल करके टालती रही। मजबूर होकर सात सितंबर को पुलिस चौकी मगहर में उक्त महिला की शिकायत की गई, जिसमें कहा गया कि बार-बार कहने के बावजूद महिला परिसर से बाहर नहीं जा रही है। चौकी से पुलिस के लोग आए और उसे समझाया कि यहां महिलाओं के ठहरने के लिए जगह नहीं है। चली जाओ, लेकिन दो दिन की मोहलत लेकर बहाना बनाया और नहीं गई। इसके बाद उसने 14 सितंबर को हंगामा खड़ा कर दिया। अब सच्चाई क्या है इसकी जांच होने के बाद ही पता चल पाएगा। महंत विचार दास ने दोनों को मठ से निकाल दिया है। क्योंकि उक्त महिला का कहना था कि पुजारी को भी निकालो तो जाएंगे। दोनों यहां से चले गए हैं।
मठ की गरिमा से कोई समझौता नहीं : महंत विचारदास
मगहर। महंत विचारदास ने कहा कि यह पुजारी का व्यक्तिगत मामला है। प्रकरण संज्ञान के आने पर तत्काल उन दोनों को मठ परिसर से निकाल दिया गया है। वे चले भी गए हैं। इसकी जांच की जा रही है। अगर मामला सत्य पाया गया तो पुजारी को निकाल ही दिया गया है। अगर मामला असत्य पाया गया तो पुजारी को बहाल कर दिया जाएगा। साजिश की बात से उन्होंने इनकार कर दिया।
स्टेशन पर महिला का वीडियो वायरल होने के बाद जांच के लिए गया था, लेकिन किसी पक्ष ने कोई तहरीर नही दी, अगर तहरीर मिलती तो कार्रवाई की जाती।
राजीव सिंह, चौकी इंचार्ज मगहर