राष्ट्रपति के आगमन से गुलजार हुआ कबीर चौरा
कबीर अकादमी और आमी नदी घाट पर्यटकों के लिए बने आकर्षण के केंद्र
मगहर(संतकबीनगर)। राष्ट्रपति के आगमन से कबीर स्थली गुलजार हो गई। यहां सैलानियों का आना-जाना शुरू हो गया है। खासकर कबीर अकादमी एवं शोध संस्थान और आमी नदी घाट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गए है।
सांप्रदायिक एकता के प्रतीक महान सूफी संत कबीर की मगहर कर्मभूमि है। यहां पर देश ही नहीं विदेश से भी कबीर के अनुयायी, साधु-संत, पर्यटक कबीर की समाधि व मजार का दर्शन करने आते हैं। यह परिसर 27 एकड़ में फैला हुआ है, जो उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्र घोषित है। इसे पर्यटन की दृष्टि से विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार के जरिए परिसर में विभिन्न विकास के कार्य कराए गए हैं। यहां पर कार्यदायी संस्था आवास विकास ने सुंदर तरीके से कबीर अकादमी व कबीर शोध संस्थान का निर्माण कराया है।
कार्यदायी संस्था वाप्कोस के जरिए गजवे, इग्जीविशन सेंटर, पार्क, आमी नदी घाट का निर्माण, कैफेटेरिया आदि सहित 20 प्रोजेक्टों पर कार्य कराए गए हैं। जबकि यूपीपीसीएल द्वारा समाधि, मजार परिसर के चारों तरफ ग्रिल व चार दरवाजे बनाए गए। गुफा आदि का रंगरोगन कर खूबसूरत बनाया गया। रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कबीर अकादमी समेत 49 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया था।
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रख-रखाव और सुरक्षा बनी समस्या
कबीर चौरा मठ के महंत विचार दास ने कहा कि कबीर चौरा परिसर में विकास के कार्य पूर्ण हो जाने से यहां सैलानियों का आना शुभ संकेत है, लेकिन इसके रख-रखाव और सुरक्षा की समस्या बनी हुई है। इसकी देखरेख व सुरक्षा के लिए सफाईकर्मी के साथ ही गार्ड की भी जरूरत होगी। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से कहा जाएगा।
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अकादमी से कबीर के शोधार्थियों को मिलेगा लाभ
बिहार प्रांत के पटना स्थित कबीर आश्रम के महंत ब्रजेश मुनि दास ने कहा कि कबीर चौरा परिसर का विकास हो रहा है। कबीर साहेब को देश-दुनिया में जानने वाले लोग मौजूद हैं। देश की सभी सरकारों ने कबीर साहेब पर फोकस करने की कोशिश की है। कबीर साहेब सबके थे। कबीर पर शोध कर रहे शोधार्थियों को अब ज्यादा भटकने की जरूरत नहीं है। पूरे विश्व से आकर छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकेंगे। कबीर अकादमी उनके लिए मील का पत्थर साबित होगी।
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सैलानियों के घूमने और मनोरंजन के उपलब्ध हुए साधन
बिहार प्रांत से आए कबीर मिशन ट्रस्ट के सचिव संत विवेक मुनि दास साहेब ने कहा कि कबीर स्थली पर जो भी विकाज कार्य हुए हैं, उसके लिए केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार बधाई की पात्र है। कबीर अकादमी के निर्माण हो जाने से जो कबीर साहेब के साहित्य इधर-उधर बिखरे पड़े थे, वह एक स्थान पर एक साथ कबीर अकादमी में संजोकर रखे जाएंगे। जिसका पूरा लाभ कबीर पर शोध करने वाले शोधार्थियों को सुलभता के साथ मिल सकेगा।
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कबीर को जानने में पर्यटकों को होगी आसानी
शांतिदास ने कहा कि कबीर स्थली पूरी तरह से बदल चुकी है। सैलानियों, पर्यटकों, साधु-संतों सभी को उनका उचित स्थान परिसर में दिया गया है। परिसर में बने भवन, आमी नदी घाट, गजवे, पार्क, कैफेटेरिया सभी कुछ आंगतुकों के लिए उपलब्ध है। यहां सैलानी म्यूरल गैलरी, प्रदर्शनी, लाइट एंड साउंड के माध्यम से कबीर के जीवन के बारे में जान सकेंगे।